धर्मेंद्र का निधन: हिंदी सिनेमा के ही-मैन ने कहा अलविदा
🎬 हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र का 89 वर्ष की आयु में निधन हो गया है।
उनके जाने के साथ ही भारतीय फिल्म जगत का एक स्वर्णिम अध्याय समाप्त हो गया। धर्मेंद्र, जिन्हें दर्शक प्यार से “ही-मैन” कहते थे, ने 24 नवंबर को मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में अंतिम सांस ली।
🌹 अंतिम दिनों की जद्दोजहद
- धर्मेंद्र लंबे समय से अस्वस्थ थे और हाल ही में उन्हें सांस लेने में तकलीफ के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
- हालत बिगड़ने पर उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया।
- पूरा देओल परिवार अस्पताल में मौजूद रहा, वहीं सलमान खान, शाहरुख खान और आमिर खान जैसे बड़े सितारे भी उनका हाल जानने पहुंचे।
- कुछ समय बाद उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया था, लेकिन घर पर भी वे डॉक्टरों की निगरानी में रहे।
- तमाम कोशिशों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।
🎥 धर्मेंद्र का 65 साल लंबा फिल्मी सफर
धर्मेंद्र ने 1960 में फिल्म दिल भी तेरा हम भी तेरे से अपने करियर की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने बॉय फ्रेंड (1961) में सहायक भूमिका निभाई।
- फूल और पत्थर (1966): इस फिल्म ने उन्हें स्टारडम दिलाया।
- सीता और गीता (1972): हास्य और भावनाओं से भरपूर भूमिका में दर्शकों का दिल जीता।
- शोले (1975): वीरू के किरदार ने उन्हें अमर कर दिया।
- चुपके-चुपके (1975): कॉमेडी में उनकी टाइमिंग आज भी मिसाल है।
- धरमवीर (1977): एक्शन और ड्रामा का शानदार मिश्रण।
- जुगनू (1973) और यादों की बारात (1973): सुपरहिट फिल्मों ने उनकी लोकप्रियता को और मजबूत किया।
65 वर्षों तक सक्रिय रहते हुए धर्मेंद्र ने सैकड़ों फिल्मों में काम किया और हर शैली—एक्शन, रोमांस, कॉमेडी—में अपनी अमिट छाप छोड़ी।
🌟 इंडस्ट्री और फैंस में शोक की लहर
- धर्मेंद्र के निधन की खबर ने पूरी फिल्म इंडस्ट्री को स्तब्ध कर दिया।
- सोशल मीडिया पर फैंस और सितारे उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं।
- उनकी अदाकारी, सादगी और करिश्माई व्यक्तित्व ने उन्हें हर पीढ़ी का चहेता बनाया।
🕊️ एक युग का अंत
धर्मेंद्र का जाना सिर्फ एक अभिनेता का खोना नहीं है, बल्कि हिंदी सिनेमा के एक युग का अंत है। उनकी विरासत आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी और उनकी फिल्में हमेशा दर्शकों के दिलों में जीवित रहेंगी।





