बिजनौर में दो छात्राओं का रहस्यमय गायब होना, पुलिस जांच पर उठे सवाल: परिजनों का कहना—सहयोग नहीं, उत्पीड़न हो रहा है
बिजनौर (चिंगारी)। दो लड़कियों का रहस्यमय ढंग से गायब हो जाना पुलिस के लिए सिर दर्द बन गया है। लड़कियों की बरामदगी के लिए पुलिस दिन रात महनत कर रही है लेकिन कोई सकारात्मक परिणाम सामने नहीं आ रहा। एक लड़की के परिजनों ने किसानों को साथ लेकर थाने में टैंट लगा कर बक़ायदा थाने में कई दिन तक धरना दिया। पुलिस अधिकारियों से तीखी नोक झोंक के बाद बमुश्किल धरना समाप्त हुआ। दूसरी लड़की के परिजन कमज़ोर थे,इस लिए वे अपनी लड़की के गायब होने पर ज़ुबान खोलने की हिम्मत नहीं कर सके। उनकी इस खामोशी को पुलिस ने उनका दोष समझ लिया। आरोप है कि पुलिस इनके उत्पीड़न पर उतर आई है। एक तरफ लड़की के गायब होने का सदमा और दूसरी तरफ पुलिस द्वारा तरह तरह से परेशान करना। तंग आकर लड़की की माँ बीमार पड़ गई। उसकी हालात खराब है। उसे ज़िला अस्पताल में भर्तबमुश्किल गया है।
उल्लेखनीय है कि ग्राम झालरी और जंदरपुर की दो लड़कियां बिजनौर के एक कालेज में कक्षा 9 में पढ़ती थीं। ये दोनो आपस में फ्रेंड हैं। 15 नवम्बर को दोनो लड़कियां रहस्यमय ढंग से गायब हो गई। पुलिस उन्हे तलाश कर रही है। एक लड़की के परिजन उसकी बरामदगी के लिए भाकियू प्रधान के पदाधिकारियो को साथ ले कर लगातार पुलिस पर दबाव बना रहे हैं। इन्होने कई दिन तक थाने में टैंट लगा कर धरना भी दिया, जिसे पुलिस ने बमुश्किल समाप्त कराया। दूसरी लड़की के परिजनों की इतनी हैसियत नहीं कि वे अपनी लड़की की बरामदगी के लिए पुलिस पर दबाव बना सकें। उनकी खामोशी उनके लिए मुसीबत बन गई। पुलिस उन्हे ही दोषी समझने लगी। लड़की के परिजनों का आरोप है कि पुलिस उनके परिजनों और रिश्तेदारों का उत्पीड़न कर रही है। उन्हे कई कई दिन हिरासत में रखा गया। अब भी लड़की का भाई और कई रिश्तेदार पुलिस हिरासत में हैं। लड़की की माँ से भी पुलिस ने पूछताछ की। पुलिस के डर से लड़की की माँ की तबीयत बिगड़ गई। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
लड़की के पिता का कहना है कि हम गरीब हैं,इस लिए पुलिस हमारी लड़की को ढूंढ़ने के बजाये हमारा उत्पीड़न कर रही है। पुलिस अधिकारियोंं ने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि लड़की के परिजनों का उत्पीड़न नहीं किया जा रहा। जाँच में उनका सहयोग लिया जा रहा है।





