प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में बड़ा बदलाव: किसानों को मिली नई सौगात,
देश के किसानों के लिए नवंबर का महीना बेहद खास साबित हो रहा है। पहले पीएम किसान सम्मान निधि योजना की 21वीं किस्त जारी की गई और अब केंद्र सरकार ने किसानों को एक और बड़ी राहत देते हुए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। इस बदलाव से करोड़ों किसानों को सीधा लाभ मिलेगा और उनकी लंबे समय से चली आ रही मांगें पूरी हो गई हैं।
किसानों की दो बड़ी मांगें पूरी
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने घोषणा की कि किसानों की सुरक्षा और राहत के लिए बनाई गई इस योजना में अब दो नए नुकसान भी शामिल कर लिए गए हैं।
- जंगली जानवरों से नुकसान: यदि हाथी या कोई अन्य जंगली जानवर फसल को नुकसान पहुंचाता है, तो अब उसका भी बीमा कवर मिलेगा।
- अतिवृष्टि और जलभराव से नुकसान: पहले केवल सामान्य बाढ़ या बारिश से हुए नुकसान को कवर किया जाता था, लेकिन अब अतिवृष्टि, लगातार बारिश और जलभराव से फसल को होने वाले नुकसान पर भी किसान मुआवजा क्लेम कर सकेंगे।
यह कदम किसानों के लिए बेहद राहतकारी है क्योंकि कई राज्यों में जंगली जानवरों द्वारा फसल को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं आम हैं। वहीं, जलभराव और अतिवृष्टि जैसी प्राकृतिक आपदाएं भी किसानों की मेहनत पर पानी फेर देती हैं।
पहले से मौजूद कवरेज
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में पहले से ही कई तरह के जोखिम शामिल हैं:
- बुआई/रोपाई में नुकसान: यदि मौसम की वजह से किसान बुआई नहीं कर पाते तो बीमा का लाभ मिलता है।
- खड़ी फसल को नुकसान: बिना मौसम की बारिश, तूफान, ओलावृष्टि, बाढ़, कीट प्रकोप, फसल रोग या अन्य प्राकृतिक आपदा से नुकसान होने पर कवर मिलता है।
- कटाई के बाद नुकसान: कटाई के बाद 14 दिनों तक यदि फसल को ओलावृष्टि, चक्रवात या अन्य प्राकृतिक आपदा से नुकसान होता है तो बीमा लागू होता है।
- अन्य आपदाएं: ओलावृष्टि, लैंडस्लाइड, जलभराव, बादल फटना या प्राकृतिक कारण से लगी आग भी योजना में शामिल हैं।
प्रीमियम दरें और किसानों को राहत
इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि किसानों को बहुत ही मामूली प्रीमियम देना पड़ता है।
- खरीफ की फसल के लिए केवल 2% प्रीमियम
- रबी की फसल के लिए 1.5% प्रीमियम
- वाणिज्यिक और बागवानी फसलों के लिए 5% प्रीमियम
उदाहरण के तौर पर यदि किसी फसल का बीमा प्रीमियम 10,000 रुपये बनता है, तो किसान को खरीफ के लिए केवल 200 रुपये और रबी के लिए 150 रुपये ही देने होंगे। बाकी राशि सरकार वहन करती है।
इसके अलावा, यदि किसान ने किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के तहत लोन लिया है, तो उसे प्रीमियम भी नहीं देना पड़ता। यह प्रावधान किसानों को और अधिक राहत देता है।
विशेष राज्यों के लिए अतिरिक्त लाभ
कुछ राज्यों के किसानों को तो प्रीमियम भी नहीं देना पड़ता।
- हिमाचल प्रदेश
- जम्मू-कश्मीर
- उत्तर-पूर्वी राज्य
इन क्षेत्रों के किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ बिना किसी प्रीमियम के मिलता है।
किसानों के लिए महत्व
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का उद्देश्य किसानों को प्राकृतिक आपदाओं और अनियंत्रित परिस्थितियों से बचाना है। खेती हमेशा जोखिम से जुड़ी होती है—कभी मौसम साथ नहीं देता, कभी कीट प्रकोप फसल बर्बाद कर देता है, तो कभी बाढ़ या सूखा किसानों की मेहनत पर पानी फेर देता है। ऐसे में यह योजना किसानों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करती है।
नवंबर 2025 में किए गए बदलावों से यह योजना और भी व्यापक हो गई है। अब जंगली जानवरों और अतिवृष्टि/जलभराव से हुए नुकसान भी इसमें शामिल होने से किसानों की चिंताएं काफी हद तक कम होंगी।







