बिहार विधानसभा चुनाव 2025: एनडीए की प्रचंड / ऐतिहासिक जीत पर पीएम मोदी का विस्तृत संबोधन

‘बिहार के लोगों ने गर्दा उड़ा दिया है’, विधानसभा चुनाव में बंपर जीत पर बोले पीएम मोदी

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजों ने भारतीय राजनीति में एक नया अध्याय जोड़ दिया है। रुझानों और परिणामों के अनुसार एनडीए ने बहुमत का आंकड़ा पार करते हुए 202 सीटों पर बढ़त बनाई है, जबकि महागठबंधन केवल 35 सीटों पर सिमटता दिख रहा है। अन्य दलों के खाते में 6 सीटें जाती नजर आ रही हैं। यह नतीजे न केवल एग्जिट पोल के अनुमानों से कहीं अधिक हैं, बल्कि यह इस बात का भी प्रमाण हैं कि बिहार की जनता ने विकास और सुशासन की राजनीति को प्राथमिकता दी है।

बीजेपी मुख्यालय में आयोजित जश्न समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस ऐतिहासिक जीत पर जनता को संबोधित किया। उन्होंने अपने भाषण की शुरुआत “जय छठी मैया” के उद्घोष से की और कहा कि बिहार के लोगों ने “गर्दा उड़ा दिया है।” यह वाक्यांश बिहार की बोली का हिस्सा है और इसे उन्होंने जनता के उत्साह और विश्वास का प्रतीक बताया। मोदी ने कहा कि यह जीत केवल एनडीए की नहीं, बल्कि लोकतंत्र की विजय है।

प्रो-पीपुल, प्रो-गवर्नेंस और प्रो-डेवलपमेंट की राजनीति

अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि जनता लगातार 20-20 साल बाद भी एनडीए को जीत दिला रही है। यह इस बात का प्रमाण है कि भारत की राजनीति अब “प्रो-पीपुल, प्रो-गवर्नेंस और प्रो-डेवलपमेंट” की नींव पर खड़ी हो रही है। उन्होंने कहा कि यही राजनीति बिहार और देश को विकसित बनाएगी। मोदी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि जिस पार्टी ने दशकों तक देश पर राज किया, उस पर जनता का विश्वास लगातार घटता जा रहा है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि बिहार में 35 साल, यूपी में चार दशक और पश्चिम बंगाल में पांच दशक से कांग्रेस सत्ता से बाहर है।

यह बयान इस बात को रेखांकित करता है कि भारतीय राजनीति में अब वंशवाद और पारंपरिक सत्ता संरचनाओं की जगह विकास और सुशासन की मांग ने ले ली है।

माओवाद और जंगलराज का जिक्र

पीएम मोदी ने अपने भाषण में बिहार के अतीत की ओर भी इशारा किया। उन्होंने कहा कि यह वही बिहार है जहां कभी माओवादी आतंक का बोलबाला था। नक्सल प्रभावित इलाकों में मतदान दोपहर 3 बजे तक ही समाप्त कर दिया जाता था। लेकिन इस बार लोगों ने बिना किसी डर के पूरे जोश और उत्साह के साथ मतदान किया। उन्होंने जंगलराज की याद दिलाते हुए कहा कि उस दौर में मतपेटियों को खुलेआम लूटा जाता था। आज वही बिहार रिकॉर्ड मतदान कर रहा है।

मोदी ने जोर देकर कहा कि बिहार की जनता ने यह तय कर दिया है कि जंगलराज की कभी वापसी नहीं होगी। यह बयान न केवल राजनीतिक संदेश है, बल्कि यह जनता के आत्मविश्वास और लोकतांत्रिक परिपक्वता का भी प्रतीक है।

वंशवाद बनाम विकासवाद

मोदी ने कहा कि आज का जनादेश वंशवाद की राजनीति के खिलाफ और विकासवाद के समर्थन में है। उन्होंने महागठबंधन पर निशाना साधते हुए कहा कि बिहार ने फिर दिखा दिया है कि झूठ हारता है। उन्होंने कहा कि जनता ने साफ संदेश दिया है कि “जमानत पर चल रहे लोगों का जनता साथ नहीं देगी।” भारत का नागरिक अब सच्चे सामाजिक न्याय के लिए वोट कर रहा है।

यह बयान इस बात को स्पष्ट करता है कि जनता अब केवल नारों और वादों पर भरोसा नहीं करती, बल्कि ठोस काम और विकास की दिशा में उठाए गए कदमों को महत्व देती है।

लोकतंत्र और चुनाव आयोग पर विश्वास

प्रधानमंत्री ने इस जीत को लोकतंत्र की विजय बताया। उन्होंने कहा कि यह केवल एनडीए की जीत नहीं है, बल्कि उन सभी का उत्सव है जो लोकतंत्र पर भरोसा करते हैं। उन्होंने चुनाव आयोग की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि भारी संख्या में मतदान होना चुनाव आयोग की बड़ी उपलब्धि है।

यह टिप्पणी चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और विश्वसनीयता को रेखांकित करती है। मोदी ने कहा कि बीते कुछ सालों से भारी संख्या में मतदान होना चुनाव आयोग की बहुत बड़ी सिद्धि है।

सहयोगियों का आभार

पीएम मोदी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का विशेष रूप से आभार जताया और कहा कि उन्होंने शानदार नेतृत्व दिया। साथ ही उन्होंने बिहार बीजेपी अध्यक्ष दिलीप जायसवाल, जीतन राम मांझी, चिराग पासवान और उपेंद्र कुशवाहा का भी उल्लेख किया और कहा कि इन सभी नेताओं ने मिलकर शानदार काम किया।

यह बयान एनडीए के भीतर सहयोग और सामूहिक नेतृत्व की भावना को दर्शाता है। मोदी ने कहा कि यह जीत केवल बीजेपी की नहीं, बल्कि पूरे गठबंधन की है।

सांस्कृतिक प्रतीक और जनता का उत्साह

मोदी ने अपने संबोधन में बिहार की सांस्कृतिक पहचान को भी जोड़ा। उन्होंने कहा कि इस प्रचंड जीत के बाद बिहार के घर-घर में मखाने की खीर बनाना तय हो गया है। उन्होंने इसे जनता के उत्साह और खुशी का प्रतीक बताया। यह सांस्कृतिक संदर्भ बिहार की परंपराओं और लोकजीवन से जुड़ा हुआ है, जिससे जनता को भावनात्मक रूप से जोड़ने का प्रयास किया गया।

कांग्रेस और आरजेडी पर हमला

अपने भाषण के अंत में पीएम मोदी ने कांग्रेस और आरजेडी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस से सावधान रहने की जरूरत उनकी सहयोगियों को भी है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि “आरजेडी को सांप सूंघा हुआ है” और बहुत जल्द कांग्रेस और आरजेडी के बीच का झगड़ा खुलकर सामने आएगा।

यह बयान विपक्षी दलों के भीतर संभावित असंतोष और असहमति की ओर इशारा करता है। मोदी ने कहा कि बिहार की जनता ने यह दिखा दिया है कि झूठ और भ्रष्टाचार की राजनीति का कोई भविष्य नहीं है।

निष्कर्ष

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 का परिणाम भारतीय राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो रहा है। एनडीए की प्रचंड जीत ने न केवल महागठबंधन को करारा झटका दिया है, बल्कि यह संदेश भी दिया है कि जनता अब विकास, सुशासन और स्थिरता की राजनीति को प्राथमिकता दे रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संबोधन इस जनादेश को लोकतंत्र की विजय और बिहार की नई दिशा के रूप में प्रस्तुत करता है।

यह चुनाव परिणाम इस बात का प्रमाण है कि जनता अब वंशवाद और पारंपरिक सत्ता संरचनाओं से आगे बढ़कर विकास और सुशासन को महत्व दे रही है। बिहार की जनता ने यह तय कर दिया है कि जंगलराज की कभी वापसी नहीं होगी और विकास की यात्रा आगे बढ़ती रहेगी।