परमाणु परीक्षण पर ट्रंप का बड़ा बयान: पाकिस्तान कर रहा परमाणु हथियारों का परीक्षण, अमेरिका भी फिर से करेगा परीक्षण
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में एक साक्षात्कार में दावा किया है कि पाकिस्तान, रूस, चीन और उत्तर कोरिया जैसे देश सक्रिय रूप से परमाणु हथियारों का परीक्षण कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब अन्य देश परीक्षण कर रहे हैं, तो अमेरिका को भी अपनी सुरक्षा और तकनीकी दक्षता सुनिश्चित करने के लिए परीक्षण फिर से शुरू करने की आवश्यकता है।
🗣️ ट्रंप का इंटरव्यू: परमाणु परीक्षण की वैश्विक दौड़
CBS न्यूज के लोकप्रिय कार्यक्रम 60 मिनट्स में ट्रंप ने कहा:
“रूस परीक्षण कर रहा है, चीन भी कर रहा है, लेकिन वे इसके बारे में बात नहीं करते। हम एक खुला समाज हैं, इसलिए हम बात करते हैं। जब बाकी देश परीक्षण कर रहे हैं, तो हमें भी करना होगा।”
उन्होंने यह भी कहा कि उत्तर कोरिया लगातार परीक्षण कर रहा है और पाकिस्तान भी इसी राह पर है। ट्रंप के अनुसार, अमेरिका को यह जानना जरूरी है कि उसके हथियार वास्तव में कैसे काम करते हैं, और यह तभी संभव है जब परीक्षण फिर से शुरू किए जाएं।
अमेरिका की नई रणनीति: परीक्षण की वापसी
- ट्रंप ने घोषणा की कि अमेरिका तीन दशक बाद परमाणु परीक्षण फिर से शुरू करेगा।
- यह घोषणा चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से दक्षिण कोरिया में प्रस्तावित मुलाकात से ठीक पहले की गई थी।
- उन्होंने यह भी बताया कि परीक्षण की तैयारियाँ पहले से चल रही हैं, हालांकि समय और स्थान का खुलासा नहीं किया गया।
पाकिस्तान का परमाणु जखीरा: कितना बड़ा है?
स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) की जनवरी 2025 की रिपोर्ट के अनुसार:
| देश | परमाणु वॉरहेड्स की संख्या |
|---|---|
| भारत | 180 |
| पाकिस्तान | 170 |
- बुलेटिन ऑफ एटॉमिक साइंटिस्ट्स की 2023 की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान के पास चार प्लूटोनियम उत्पादन रिएक्टर हैं।
- उसके पास परमाणु संवर्धन का मजबूत इन्फ्रास्ट्रक्चर है, जिससे वह अपने जखीरे को तेजी से बढ़ा सकता है।
- साथ ही, वह नई परमाणु हथियार प्रणालियों का विकास भी कर रहा है।
⚠️ वैश्विक तनाव की आशंका
ट्रंप की घोषणा के बाद विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका, रूस और चीन के बीच परमाणु शक्ति संतुलन को लेकर तनाव बढ़ सकता है। अमेरिका की यह रणनीति वैश्विक सुरक्षा पर गहरा प्रभाव डाल सकती है।





