जयपुर सड़क हादसा: बेकाबू डंपर ने मचाया कहर, 14 की मौत, 50 से अधिक घायल

राजस्थान की राजधानी जयपुर में 3 नवंबर को एक भयावह सड़क दुर्घटना ने पूरे प्रदेश को हिला कर रख दिया। हरमाड़ा थाना क्षेत्र के लोहामंडी रोड पर एक बेकाबू डंपर ने कहर बरपाया, जिसमें 14 लोगों की मौत हो गई और 50 से अधिक लोग घायल हुए।

📍 हादसे की जगह और समय

  • स्थान: लोहामंडी रोड, हरमाड़ा थाना क्षेत्र, जयपुर
  • समय: दोपहर करीब 2 बजे
  • वाहन: भारी भरकम डंपर, जो निर्माण सामग्री लेकर जा रहा था

🚨 हादसे की भयावहता

  • डंपर के ब्रेक फेल हो गए, जिससे चालक ने नियंत्रण खो दिया।
  • वाहन ने लगभग 300 मीटर तक बेकाबू होकर दौड़ते हुए सामने आए 17 वाहनों को रौंद डाला।
  • इन वाहनों में कारें, बाइकें और ऑटो रिक्शा शामिल थे।
  • डंपर ने सड़क किनारे खड़े और चल रहे लोगों को भी कुचल दिया।

🧍‍♂️ प्रत्यक्षदर्शियों की गवाही

  • स्थानीय लोगों ने बताया कि डंपर की गति अत्यधिक तेज थी।
  • कई लोग सड़क किनारे खड़े थे, जो अचानक डंपर की चपेट में आ गए।
  • हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

🏥 राहत और बचाव कार्य

  • पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे।
  • मुख्य मार्ग का यातायात डायवर्ट कर दिया गया ताकि राहत कार्य में बाधा न आए।
  • गंभीर रूप से घायल लोगों को एसएमएस अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां कई की हालत नाजुक बनी हुई है।
  • दमकल विभाग और एंबुलेंस सेवा ने तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।

📞 प्रशासन की प्रतिक्रिया

  • मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया और अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।
  • जिला प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने की घोषणा की है।
  • पुलिस ने डंपर चालक को हिरासत में ले लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

⚠️ राजस्थान में सड़क हादसों की बढ़ती घटनाएं

इस हादसे से एक दिन पहले, 2 नवंबर को जोधपुर के फलोदी जिले के मतोड़ा में भी एक बड़ा हादसा हुआ था:

  • श्रद्धालुओं की टेंपो ट्रैवलर सड़क किनारे खड़े ट्रक ट्रेलर में जा घुसी।
  • 15 लोगों की मौत और 2 लोग घायल हुए।
  • हादसा भारत माला हाईवे पर हुआ था।

🚧 क्या है समाधान?

राजस्थान में लगातार हो रहे सड़क हादसे अब सार्वजनिक चिंता का विषय बन चुके हैं। इन घटनाओं के पीछे प्रमुख कारण हैं:

  • वाहनों की तकनीकी खामियां (जैसे ब्रेक फेल)
  • यातायात नियमों की अनदेखी
  • ओवरलोडिंग और तेज गति
  • सड़क सुरक्षा उपायों की कमी

सरकार को चाहिए कि:

  • वाहनों की नियमित जांच सुनिश्चित की जाए।
  • हाईवे पर निगरानी और कैमरे लगाए जाएं।
  • चालकों को प्रशिक्षण और जागरूकता दी जाए।