बिजनौर में कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा स्नान मेले के लिए विशेष रूट डायवर्जन लागू, 2 से 5 नवंबर तक भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित

बिजनौर में आगामी कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित गंगा स्नान मेले को लेकर जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए 2 नवंबर से 5 नवंबर 2025 तक विशेष रूट डायवर्जन योजना लागू की गई है।

🚧 रूट डायवर्जन की प्रमुख बातें:

  • दारानगर गंज मार्ग पर भारी वाहनों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। इसमें ट्रक, रोडवेज बसें, डीसीएम और अन्य वाणिज्यिक वाहन शामिल हैं।
  • बिजनौर से चांदपुर की ओर जाने वाले भारी वाहन अब कृष्णा कॉलेज तिराहा से बिजनौर-नूरपुर रोड होते हुए अम्हेड़ा तिराहा (हल्दौर) से चांदपुर की ओर भेजे जाएंगे।
  • चांदपुर से बिजनौर आने वाले भारी वाहन शुगर मिल तिराहा से अम्हेड़ा होते हुए बिजनौर पहुंचेंगे।
  • बिजनौर से मंडावर, बालावाली, लक्सर मार्ग पर 4 नवंबर शाम 6 बजे से 5 नवंबर तक भारी वाहनों का आवागमन पूरी तरह बंद रहेगा।
  • गंगा बैराज मार्ग पर भी 4 नवंबर शाम 6 बजे से 5 नवंबर तक भारी वाहनों पर प्रतिबंध रहेगा।

👮‍♂️ सुरक्षा और निगरानी:

  • पुलिस और ट्रैफिक विभाग की संयुक्त टीमें पूरे मेले के दौरान निगरानी रखेंगी ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
  • यातायात नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
  • ट्रैफिक प्रभारी ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे वैकल्पिक मार्गों का प्रयोग करें और प्रशासन का सहयोग करें।

🌊 धार्मिक महत्व:

कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा स्नान का विशेष धार्मिक महत्व है। हजारों श्रद्धालु इस दिन विदुर कोटि और गंगा बैराज जैसे प्रमुख घाटों पर स्नान करने आते हैं। प्रशासन की यह पहल श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए की गई है।

इस रूट डायवर्जन योजना का उद्देश्य न केवल यातायात को नियंत्रित करना है, बल्कि श्रद्धालुओं को एक सुरक्षित और व्यवस्थित वातावरण प्रदान करना भी है। यदि आप इन दिनों बिजनौर की यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो कृपया इन परिवर्तनों को ध्यान में रखें।