राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राफेल लड़ाकू विमान में भरी ऐतिहासिक उड़ान

भारत की राष्ट्रपति और सशस्त्र बलों की सर्वोच्च कमांडर द्रौपदी मुर्मू ने हरियाणा के अंबाला वायुसेना स्टेशन से अत्याधुनिक राफेल लड़ाकू विमान में उड़ान भरकर एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। इस अवसर पर उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर भी प्रदान किया गया।

इस विशेष उड़ान में राष्ट्रपति के साथ ग्रुप कैप्टन अमित गहानी पायलट के रूप में मौजूद थे। वहीं, एक अन्य राफेल विमान में वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने भी उड़ान भरी। दोनों विमानों की यह sortie लगभग 30 से 35 मिनट तक चली।

यह वही राफेल विमान हैं, जिनका उपयोग भारतीय वायुसेना ने 7 मई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान किया था। यह सैन्य अभियान 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के जवाब में शुरू किया गया था। ऑपरेशन के तहत पाकिस्तान के कब्जे वाले क्षेत्रों में स्थित आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया था। इसके बाद चार दिनों तक दोनों पक्षों के बीच तीव्र सैन्य झड़पें हुईं, जो 10 मई को समाप्त हुईं।

यह पहली बार नहीं है जब राष्ट्रपति मुर्मू ने किसी लड़ाकू विमान में उड़ान भरी हो। इससे पहले, 8 अप्रैल 2023 को उन्होंने असम के तेजपुर एयरबेस से सुखोई-30 एमकेआई में उड़ान भरकर इतिहास रचा था। वह ऐसा करने वाली भारत की तीसरी राष्ट्रपति बनी थीं।

गौरतलब है कि राफेल विमान, जिसे फ्रांसीसी कंपनी दसॉ एविएशन ने निर्मित किया है, सितंबर 2020 में भारतीय वायुसेना में शामिल किए गए थे। पहले पांच राफेल जेट्स को अंबाला स्थित 17वीं स्क्वाड्रन ‘गोल्डन एरोज’ में तैनात किया गया था।