मेरठ में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर अवैध निर्माण पर बुलडोजर कार्रवाई
उत्तर प्रदेश के मेरठ शहर में शास्त्री नगर स्थित सेंट्रल मार्केट में अवैध रूप से निर्मित एक व्यावसायिक परिसर को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में ध्वस्त कर दिया गया। यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद द्वारा की गई, जिसमें प्रशासनिक टीम की सक्रिय मौजूदगी रही।
📍 क्या हुआ मौके पर?
- रविवार को सेंट्रल मार्केट के प्लॉट संख्या 661/6 पर बने अवैध कॉम्प्लेक्स को गिरा दिया गया।
- ध्वस्तीकरण के दौरान पूरा इलाका धूल के गुबार में डूब गया।
- प्रशासन ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कार्य को कुछ समय के लिए रोका, क्योंकि कॉम्प्लेक्स का लगभग 10% हिस्सा आसपास की दुकानों और मकानों से जुड़ा हुआ था।
- शेष हिस्से को मैनुअल तरीके से गिराने की योजना है।
⚖️ सुप्रीम कोर्ट का आदेश क्या कहता है?
17 दिसंबर 2024 को सुप्रीम कोर्ट की पीठ — जिसमें न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला और न्यायमूर्ति आर महादेवन शामिल थे — ने स्पष्ट किया कि:
- केवल समय बीतने, प्रशासनिक देरी या वित्तीय निवेश के आधार पर अवैध निर्माण को वैध नहीं माना जा सकता।
- निर्माण के बाद हुए उल्लंघनों पर भी त्वरित कार्रवाई आवश्यक है।
- अवैध हिस्सों को गिराना और जिम्मेदार अधिकारियों पर जुर्माना लगाना अनिवार्य है।
- शहरी नियोजन कानूनों का सख्ती से पालन और प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए।
यह कार्रवाई शहरी विकास और नियमन के प्रति न्यायपालिका की प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जो अवैध निर्माण पर रोक लगाने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश प्रदान करती है।








