‘मन की बात’ अक्टूबर 2025: स्वदेशी पर जोर, पर्यावरण और सामाजिक एकता की मिसाल – पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अक्टूबर 2025 के ‘मन की बात’ कार्यक्रम में देशवासियों से संवाद करते हुए कई प्रेरणादायक पहलुओं पर प्रकाश डाला। यह कार्यक्रम न केवल त्योहारों की रौनक को दर्शाता है, बल्कि स्वदेशी उत्पादों, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक समरसता और नवाचार की सराहना भी करता है।
🎉 त्योहारों में स्वदेशी वस्तुओं की चमक
प्रधानमंत्री ने इस बार के त्योहारी मौसम को विशेष रूप से उत्साहजनक बताया। उन्होंने कहा कि बाजारों में पहले से अधिक रौनक देखने को मिली और ‘जीएसटी बचत उत्सव’ के तहत लोगों ने जमकर खरीदारी की। खास बात यह रही कि स्वदेशी उत्पादों की मांग में उल्लेखनीय वृद्धि हुई, जिससे स्थानीय उद्योगों को बल मिला।
- स्वदेशी वस्तुओं की मांग में उछाल: लोगों ने विदेशी विकल्पों की बजाय स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता दी।
- जीएसटी बचत उत्सव: इस पहल ने उपभोक्ताओं को आर्थिक लाभ के साथ-साथ देशी उत्पादों की ओर आकर्षित किया।
- खाद्य तेल की खपत में कमी: पीएम मोदी ने अपने पत्र में 10% तक खपत घटाने का आग्रह किया था, जिसे लोगों ने सकारात्मक रूप से अपनाया।
🐕 स्वदेशी कुत्तों की बहादुरी
प्रधानमंत्री ने लखनऊ में आयोजित ऑल इंडिया पुलिस ड्यूटी मीट का उल्लेख करते हुए मुधोल हाउंड नस्ल की ‘रिया’ नामक कुतिया की प्रशंसा की, जिसने विदेशी नस्लों को पीछे छोड़ते हुए प्रथम पुरस्कार जीता।
- बीएसएफ द्वारा प्रशिक्षित रिया: मुधोल हाउंड नस्ल की यह कुतिया सुरक्षा सेवाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन का उदाहरण बनी।
- सीआरपीएफ की सराहना: छत्तीसगढ़ में एक स्वदेशी कुत्ते ने 8 किलो विस्फोटक का पता लगाकर जान बचाई।
🌱 पर्यावरण संरक्षण में मैंग्रोव का महत्व
पीएम मोदी ने समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र में मैंग्रोव वनों की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि ये वन सुनामी और चक्रवात जैसी आपदाओं के समय प्राकृतिक सुरक्षा कवच का काम करते हैं और समुद्र तटों की मिट्टी को बांधे रखते हैं।
- मैंग्रोव की विशेषता: खारे पानी और दलदली भूमि में उगने वाले ये पौधे समुद्री जीवन के लिए अत्यंत आवश्यक हैं।
- आपदा प्रबंधन में भूमिका: प्राकृतिक आपदाओं के समय ये तटीय क्षेत्रों की रक्षा करते हैं।
🍽️ प्लास्टिक के बदले भोजन: अंबिकापुर का गार्बेज कैफे
छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में चल रहे ‘गार्बेज कैफे’ की पहल को प्रधानमंत्री ने सराहा। इस अनोखी योजना के तहत नागरिकों को प्लास्टिक कचरे के बदले भोजन दिया जाता है।
- कैफे की कार्यप्रणाली:
- 1 किलो से अधिक प्लास्टिक लाने पर दोपहर या रात का खाना।
- आधा किलो प्लास्टिक पर नाश्ता।
- स्वच्छता और सेवा का संगम: यह पहल नगर निगम द्वारा संचालित की जा रही है और स्वच्छता के साथ सामाजिक सेवा का उदाहरण है।
🌅 छठ पर्व: संस्कृति और समाज की एकता
प्रधानमंत्री ने छठ महापर्व की शुभकामनाएं देते हुए इसे भारत की सांस्कृतिक विविधता और सामाजिक समरसता का प्रतीक बताया।
- छठ के घाटों पर एकता का दृश्य: हर वर्ग का व्यक्ति एक साथ खड़ा होता है, जो सामाजिक समरसता को दर्शाता है।
- प्रकृति से जुड़ाव: यह पर्व सूर्य और जल की पूजा के माध्यम से प्रकृति के प्रति श्रद्धा को दर्शाता है।








