राहुल गांधी के काफिले की गाड़ियों में टक्कर, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर हादसा; कांग्रेस नेता सुरक्षित, कई घायल

सुलतानपुर जाते समय हुआ हादसा, 91वें किलोमीटर के पास टकराईं गाड़ियां

सुलतानपुर/लखनऊ। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के काफिले की गाड़ियां सोमवार, 26 अक्टूबर को उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर दुर्घटनाग्रस्त हो गईं। यह हादसा एक्सप्रेसवे पर 91वें किलोमीटर के माइलस्टोन के पास हुआ, जब राहुल गांधी लखनऊ से सुलतानपुर जा रहे थे। शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक, दुर्घटना में पांच गाड़ियों और एक एंबुलेंस के आपस में टकराने की जानकारी सामने आई है। हादसे में कांग्रेस कार्यकर्ताओं, पार्टी पदाधिकारियों और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े कुछ लोगों के घायल होने की खबर है। हालांकि, राहुल गांधी सुरक्षित रहे।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह घटना सुबह करीब 10:15 बजे हुई। बताया गया कि काफिले के आगे चल रही एक निजी गाड़ी के अचानक ब्रेक लगाने के कारण पीछे चल रहे वाहन एक-दूसरे से टकरा गए। घटना के बाद काफिले ने दोबारा सुलतानपुर की ओर अपनी यात्रा शुरू कर दी। पुलिस की ओर से शुरुआती जानकारी में किसी बड़ी चोट की पुष्टि नहीं की गई थी। घायलों की सटीक संख्या और उनकी स्थिति के बारे में विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।

मानहानि मामले में अदालत में पेश होने जा रहे थे राहुल गांधी

राहुल गांधी सोमवार सुबह लखनऊ स्थित चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पहुंचे थे। यहां से उन्हें सड़क मार्ग के जरिए सुलतानपुर जाना था। सुलतानपुर की विशेष एमपी-एमएलए अदालत में उनके खिलाफ वर्ष 2018 में दर्ज मानहानि मामले में फैसला सुनाया जाना निर्धारित था। इसी सिलसिले में राहुल गांधी का अदालत में उपस्थित होना तय था।

अदालत की कार्यवाही को देखते हुए सुलतानपुर में सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी की गई थी। राहुल गांधी के दौरे की जानकारी मिलने के बाद कांग्रेस के स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं में भी हलचल थी। इसी बीच पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर काफिले की गाड़ियों के बीच टक्कर की खबर सामने आने से घटनाक्रम ने सबका ध्यान खींचा।

क्या है राहुल गांधी से जुड़ा आठ साल पुराना मानहानि मामला?

यह मामला वर्ष 2018 में कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान राहुल गांधी की ओर से तत्कालीन भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के संबंध में की गई कथित टिप्पणी से जुड़ा है। इस टिप्पणी को लेकर सुलतानपुर के स्थानीय भाजपा नेता विजय मिश्रा ने 4 अगस्त 2018 को राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि की शिकायत दर्ज कराई थी।

शिकायतकर्ता का आरोप था कि राहुल गांधी की टिप्पणी से अमित शाह की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा। इसके बाद मामला अदालत में पहुंचा और कई वर्षों तक इसकी सुनवाई चली। मामले में गवाहों के बयान, साक्ष्यों और दोनों पक्षों की दलीलों के आधार पर कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ी।

राहुल गांधी अदालत में पेश होकर अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को गलत बता चुके हैं। फरवरी 2024 में उनकी अदालत में पेशी और जमानत की कार्यवाही भी हुई थी। इसके बाद मामले में आगे की सुनवाई जारी रही।

26 अक्टूबर को फैसले के लिए निर्धारित थी तारीख

इस मानहानि मामले में अदालत ने 26 अक्टूबर 2026 को फैसला सुनाने की तारीख निर्धारित की थी। इसी कारण राहुल गांधी का सुलतानपुर पहुंचना राजनीतिक और कानूनी, दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण था। अदालत में उनकी उपस्थिति के दौरान मामले के अंतिम निर्णय की कार्यवाही होनी थी।