चिंगारी की 41वीं वर्षगांठ पर स्प्रिंग फील्ड एकेडमी में रंगोली प्रतियोगिता, विद्यार्थियों ने बिखेरे रचनात्मकता के रंग

नांगल सोती/नयागांव (मंडावली)। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोकप्रिय सांध्य दैनिक समाचार पत्र ‘चिंगारी’ की 41वीं वर्षगांठ के अवसर पर स्प्रिंग फील्ड सीनियर सेकेंडरी एकेडमी, नयागांव (मंडावली) में रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। विद्यालय के प्रबंध निदेशक (एमडी) कुलदीप सिंह एवं प्रधानाचार्या डॉ. करुणा शर्मा के दिशा-निर्देशन में आयोजित इस प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने अपनी कलात्मक प्रतिभा, कल्पनाशीलता और रचनात्मक कौशल का शानदार प्रदर्शन किया।

प्रतियोगिता में विद्यालय के चारों हाउस के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। छात्र-छात्राओं ने विभिन्न रंगों, आकर्षक डिजाइनों और अनूठी कलात्मक कल्पनाओं के माध्यम से मनमोहक रंगोलियां तैयार कीं। उनकी कलाकृतियों में रंगों का सुंदर संयोजन, बारीक डिजाइन और रचनात्मक सोच की झलक देखने को मिली। विद्यार्थियों की मेहनत और कलात्मक अभिव्यक्ति ने उपस्थित लोगों का मन मोह लिया।

रंगों और कलात्मक कल्पनाओं से सजी रंगोलियां

प्रतियोगिता के दौरान विद्यार्थियों ने पारंपरिक रंगोली कला को अपनी आधुनिक सोच और मौलिक कल्पनाओं के साथ प्रस्तुत किया। रंगों की विविधता और आकर्षक आकृतियों से सजी रंगोलियों ने विद्यालय परिसर को उत्सवमय वातावरण प्रदान किया। प्रत्येक हाउस के प्रतिभागियों ने अपनी प्रस्तुति को विशिष्ट बनाने का प्रयास किया और अपनी कला के माध्यम से दर्शकों को प्रभावित किया।

इस आयोजन ने विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के साथ-साथ एक-दूसरे से सीखने और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित करने का अवसर भी दिया। समूह में कार्य करते हुए बच्चों ने आपसी सहयोग, समन्वय, धैर्य और जिम्मेदारी जैसे गुणों का परिचय दिया।

विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में सहायक हैं ऐसी गतिविधियां

विद्यालय के प्रबंध निदेशक कुलदीप सिंह और प्रधानाचार्या डॉ. करुणा शर्मा के मार्गदर्शन में आयोजित इस प्रतियोगिता का उद्देश्य विद्यार्थियों की छिपी प्रतिभा को निखारने और उन्हें पाठ्यक्रम से इतर रचनात्मक गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण रहा।

शिक्षा के साथ-साथ कला, संस्कृति और रचनात्मक अभिव्यक्ति से जुड़ी गतिविधियां बच्चों के सर्वांगीण विकास में अहम भूमिका निभाती हैं। इस प्रकार के आयोजनों से विद्यार्थियों में आत्मविश्वास बढ़ता है तथा उनकी कल्पनाशक्ति, सौंदर्यबोध और कलात्मक अभिरुचि को विकसित करने में मदद मिलती है।