यूपी पुलिस SI भर्ती 2025: नियुक्ति पत्र जारी करने पर हाईकोर्ट की रोक, जानें क्या है पूरा विवाद
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश पुलिस में सब इंस्पेक्टर (SI) भर्ती 2025 को लेकर महत्वपूर्ण कानूनी घटनाक्रम सामने आया है। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने भर्ती प्रक्रिया से जुड़े विवाद की सुनवाई करते हुए चयनित अभ्यर्थियों के नियुक्ति पत्र जारी करने पर फिलहाल रोक लगा दी है। मामले की अगली सुनवाई 5 अक्टूबर 2026 को होगी। यह आदेश न्यायमूर्ति अनीस कुमार गुप्ता की एकल पीठ ने संबंधित याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान दिया।
बताया गया है कि कोर्ट के समक्ष श्याम सुंदर, कमलेश यादव व अन्य तथा यश पांडेय और 44 अन्य की ओर से याचिकाएं दाखिल की गई थीं। याचिकाकर्ताओं ने भर्ती परीक्षा के परिणाम और उत्तर कुंजी में किए गए बदलावों को लेकर आपत्तियां उठाई हैं। इसी विवाद के बीच नियुक्ति पत्र जारी करने की प्रक्रिया पर रोक का आदेश आया है।
क्या है पूरा मामला?
उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड की ओर से उत्तर प्रदेश उप निरीक्षक नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों पर सीधी भर्ती-2025 के लिए 12 अगस्त 2025 को विज्ञापन जारी किया गया था। इस भर्ती के लिए बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था।
उपलब्ध जानकारी के मुताबिक भर्ती के लिए कुल 15,75,706 आवेदन प्राप्त हुए थे। लिखित परीक्षा 14 और 15 मार्च 2026 को दो-दो पालियों में आयोजित की गई। परीक्षा में लगभग 10.77 लाख अभ्यर्थी शामिल हुए थे।
लिखित परीक्षा का परिणाम 7 मई 2026 को घोषित किया गया। इसमें 12,733 अभ्यर्थियों को भर्ती की आगे की प्रक्रिया के लिए सफल घोषित किया गया। इसके बाद भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ी और 14 जुलाई 2026 को अंतिम परिणाम जारी किया गया।
अंतिम परिणाम के बाद चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए जाने की तैयारी चल रही थी। इसी बीच परीक्षा की उत्तर कुंजी और परिणाम को लेकर दाखिल याचिकाओं पर हाई कोर्ट में सुनवाई हुई।
उत्तर कुंजी में बदलाव को लेकर क्या है आपत्ति?
याचिकाकर्ताओं की ओर से कोर्ट में मुख्य रूप से परीक्षा की प्रोविजनल और फाइनल आंसर की में अंतर का मुद्दा उठाया गया है।
याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ता संजय कुमार यादव के अनुसार, भर्ती बोर्ड ने 23 मार्च 2026 को प्रोविजनल आंसर की जारी की थी। इसके बाद अभ्यर्थियों को उत्तरों पर आपत्ति दर्ज कराने का अवसर मिला।
हालांकि, लिखित परीक्षा का परिणाम जारी करते समय 7 मई को फाइनल आंसर की जारी की गई। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि फाइनल आंसर की में कुछ प्रश्नों के उत्तर बदल दिए गए थे। चूंकि प्रत्येक प्रश्न के अंक अभ्यर्थियों के अंतिम स्कोर पर प्रभाव डालते हैं, इसलिए उत्तर बदलने से कुछ अभ्यर्थियों के प्राप्तांक और मेरिट की स्थिति प्रभावित होने का दावा किया गया है।
कुछ अभ्यर्थी मामूली अंतर से हुए प्रभावित
याचिकाकर्ताओं की ओर से कोर्ट में यह भी दलील दी गई कि उत्तरों में बदलाव का असर उन अभ्यर्थियों पर पड़ा जो कटऑफ के आसपास थे। कुछ अभ्यर्थी लिखित परीक्षा के बाद अगली प्रक्रिया के लिए सफल हुए, लेकिन अंतिम परिणाम में मामूली अंकों के अंतर से बाहर हो गए।
याचिकाकर्ताओं का कहना है कि उन्होंने बदले गए उत्तरों को लेकर भर्ती बोर्ड के समक्ष अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं, लेकिन उनका समाधान नहीं हुआ। इसके बाद प्रभावित अभ्यर्थियों ने हाई कोर्ट का रुख किया।
यही विवाद अब अदालत के समक्ष विचाराधीन है और इसी वजह से नियुक्ति पत्र जारी करने की प्रक्रिया पर अंतरिम रोक लगाई गई है।
हाई कोर्ट में किन याचिकाओं पर हुई सुनवाई?
मामले में श्याम सुंदर, कमलेश यादव व अन्य तथा यश पांडेय और 44 अन्य की ओर से दाखिल याचिकाओं पर सुनवाई हुई। याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अशोक खरे के साथ अधिवक्ता संजय कुमार यादव और आलोक मिश्र ने पक्ष रखा।
कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 5 अक्टूबर 2026 की तारीख तय की है। फिलहाल नियुक्ति पत्र जारी करने की प्रक्रिया पर रोक का आदेश प्रभावी है।
भर्ती प्रक्रिया पर क्या पड़ेगा असर?
हाई कोर्ट के इस आदेश का सीधा असर फिलहाल नियुक्ति पत्र जारी करने की प्रक्रिया पर पड़ता दिखाई दे रहा है। यानी अंतिम परिणाम में चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए जाने की प्रक्रिया मामले की अगली सुनवाई तक प्रभावित रहेगी।
हालांकि, भर्ती रद्द होने या चयनित सभी अभ्यर्थियों का चयन समाप्त होने का कोई अंतिम आदेश नहीं हुआ है। अदालत में अभी याचिकाओं पर सुनवाई जारी है। इसलिए भर्ती के अंतिम भविष्य को लेकर कोई निष्कर्ष अगली सुनवाई और अदालत के आगे के आदेशों के बाद ही स्पष्ट होगा।
अब 5 अक्टूबर को क्या होगा?
मामले की अगली सुनवाई 5 अक्टूबर 2026 को निर्धारित है। उस दिन अदालत के समक्ष उत्तर कुंजी में किए गए बदलाव, अभ्यर्थियों की आपत्तियों और भर्ती प्रक्रिया से जुड़े अन्य कानूनी पहलुओं पर आगे सुनवाई हो सकती है।
इस मामले में अदालत के अगले आदेश से यह स्पष्ट होगा कि नियुक्ति पत्र जारी करने पर लगी रोक आगे जारी रहती है या भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की अनुमति मिलती है।
भर्ती से जुड़े प्रमुख तथ्य
- भर्ती: यूपी पुलिस सब इंस्पेक्टर एवं समकक्ष पद, सीधी भर्ती-2025
- विज्ञापन जारी: 12 अगस्त 2025
- कुल आवेदन: 15,75,706
- लिखित परीक्षा: 14 और 15 मार्च 2026
- परीक्षा में शामिल अभ्यर्थी: लगभग 10.77 लाख
- लिखित परीक्षा परिणाम: 7 मई 2026
- अगली प्रक्रिया के लिए सफल: 12,733 अभ्यर्थी
- अंतिम परिणाम: 14 जुलाई 2026
- हाई कोर्ट का आदेश: नियुक्ति पत्र जारी करने पर रोक
- अगली सुनवाई: 5 अक्टूबर 2026
नियुक्ति पत्र पर रोक का मामला भर्ती परीक्षा की उत्तर कुंजी और परिणाम से जुड़ी याचिकाओं की सुनवाई के संदर्भ में है। अंतिम निर्णय अदालत की आगे की कार्यवाही के बाद ही स्पष्ट होगा।










