कलेक्ट्रेट में धरना-प्रदर्शन पूरी तरह प्रतिबंधित, इंदिरा बाल भवन ही निर्धारित स्थल
बिजनौर, 24 सितंबर। जिला मजिस्ट्रेट उमेश प्रताप सिंह ने जनपद में धरना-प्रदर्शन को लेकर महत्वपूर्ण आदेश जारी किए हैं। आदेश के तहत कलेक्ट्रेट परिसर को धरना-प्रदर्शन के लिए पूर्णतः निषिद्ध क्षेत्र घोषित किया गया है। वहीं, जनपद मुख्यालय पर अनुमति के बाद इंदिरा बाल भवन, बिजनौर के अतिरिक्त किसी अन्य स्थल पर धरना-प्रदर्शन करना पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।
जिला मजिस्ट्रेट ने बताया कि कलेक्ट्रेट परिसर में जिलाधिकारी, अपर जिलाधिकारी, उप जिलाधिकारी सहित विभिन्न न्यायालय संचालित होते हैं। इसके अलावा निर्वाचन संबंधी ईवीएम के भंडारण एवं अन्य महत्वपूर्ण कार्य भी यहां किए जाते हैं। धरना-प्रदर्शनों के दौरान बड़ी संख्या में लोगों, ट्रैक्टर-ट्रॉलियों व अन्य वाहनों की मौजूदगी तथा लाउडस्पीकर के प्रयोग से न्यायालयों और सरकारी कार्यालयों के कार्य प्रभावित होते हैं।
उन्होंने कहा कि विरोध-प्रदर्शन का अधिकार संविधान द्वारा प्रदत्त है, लेकिन यह अधिकार लोक व्यवस्था, सुरक्षा, आमजन के अधिकारों और स्वतंत्र आवागमन के अधीन है। उच्चतम न्यायालय एवं उच्च न्यायालय के विभिन्न न्यायिक दृष्टांतों तथा शासन के निर्देशों के अनुपालन में कलेक्ट्रेट परिसर में धरना-प्रदर्शन की अनुमति नहीं होगी।
जिला मजिस्ट्रेट के अनुसार शासन के 17 मई 2018 के निर्देशों के अनुपालन में पूर्व में ही इंदिरा बाल भवन, बिजनौर को धरना-प्रदर्शन के लिए चिन्हित स्थल बनाया गया था। 11 सितंबर 2023 के कार्यालय आदेश के तहत कलेक्ट्रेट परिसर को धरना-प्रदर्शन के लिए निषिद्ध क्षेत्र घोषित किया जा चुका था।
नए आदेश में इस व्यवस्था का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। अब अनुमति प्राप्त होने के बाद भी इंदिरा बाल भवन के अलावा जनपद मुख्यालय के किसी अन्य स्थल पर धरना-प्रदर्शन नहीं किया जा सकेगा









