बढ़ापुर क्षेत्र के शरणार्थी परिवारों को मिलेगा भूमि स्वामित्व अधिकार
कैबिनेट के ऐतिहासिक फैसले से हजारों परिवारों को राहत, आर्थिक सशक्तिकरण का रास्ता साफ
बिजनौर (चिंगारी)। उत्तर प्रदेश सरकार की कैबिनेट द्वारा लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय के तहत बढ़ापुर विधानसभा क्षेत्र में भारत-पाक विभाजन के समय विस्थापित होकर आए हजारों शरणार्थी परिवारों को उनकी भूमि पर स्वामित्व अधिकार प्रदान किए जाने का रास्ता साफ हो गया है। इस ऐतिहासिक फैसले पर बढ़ापुर से भाजपा विधायक कुँवर सुशांत सिंह ने क्षेत्रवासियों को बधाई दी। उन्होंने
बताया कि इस जनहितकारी निर्णय से भूतपूर्व सैनिकों को पूर्व में आवंटित भूमि का श्रेणी परिवर्तन भी संभव होगा। साथ ही नगीना तहसील के 17 गांवों में लंबे समय से चल रहे जंगल-झाड़ी संबंधी विवादों का भी निस्तारण किया जाएगा।
कुँवर सुशांत सिंह ने कहा कि शरणार्थी परिवारों की यह मांग लंबे समय से लंबित थी, जिसे पूरा कर प्रदेश सरकार ने बड़ी राहत दी है। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार व्यक्त किया।
मालूम हो कि सरकार द्वारा उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता (द्वितीय संशोधन) अध्यादेश, 2026 के माध्यम से राजस्व संहिता 2006 में संशोधन कर धारा 76(1) में आवश्यक प्रावधान जोड़े गए हैं। इससे इन परिवारों को असंक्रमणीय भूमिधर का अधिकार प्रदान करने का मार्ग प्रशस्त हुआ है।
इस फैसले के बाद पात्र परिवारों को कानूनी स्वामित्व मिलने के साथ ही बैंक से ऋण लेने में आसानी होगी और वे अपनी उपज को सरकारी क्रय केंद्रों पर बेच सकेंगे। इससे उनके आर्थिक सशक्तिकरण और सामाजिक सम्मान में वृद्धि होगी।
यह निर्णय प्रदेश सरकार की अंत्योदय की भावना को साकार करते हुए वंचित और उपेक्षित वर्ग के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।







