मेरठ-हस्तिनापुर-बिजनौर रेल लाइन: सर्वे और डीपीआर पूरा, रेल मंत्री ने दी मंजूरी प्रक्रिया पर जानकारी…

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। लंबे समय से प्रतीक्षित मेरठ-हस्तिनापुर-बिजनौर नई रेल लाइन परियोजना पर काम तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जानकारी दी है कि इस परियोजना का सर्वे पूरा हो चुका है और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) भी तैयार कर ली गई है।

परियोजना की मुख्य बातें

  • रेल लाइन की कुल लंबाई लगभग 64 किलोमीटर होगी।
  • यह लाइन मेरठ दौराला से हस्तिनापुर होते हुए बिजनौर तक जाएगी।
  • परियोजना का उद्देश्य स्थानीय पर्यटन और व्यापार को बढ़ावा देना है।
  • हस्तिनापुर जैसे ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व वाले शहर को सीधे रेल नेटवर्क से जोड़ा जाएगा।

संसद में उठा मुद्दा

सांसद अरुण गोविल ने संसद सत्र के दौरान इस रेल लाइन का मामला उठाया और केंद्र सरकार से शीघ्र कार्रवाई की मांग की। इसके जवाब में रेल मंत्री ने लिखित रूप से बताया कि सर्वे और डीपीआर तैयार है, और नीति आयोग समेत अन्य संस्थाओं से स्वीकृति मिलने के बाद आगे की प्रक्रिया शुरू होगी।

मंजूरी प्रक्रिया

रेल मंत्री ने स्पष्ट किया कि रेलवे परियोजनाओं की मंजूरी एक निरंतर और गतिशील प्रक्रिया है। इसलिए फिलहाल निर्माण के लिए कोई निश्चित समय सीमा तय नहीं की गई है। हालांकि, यह संकेत दिया गया है कि मंजूरी जल्द मिल सकती है।

अन्य परियोजनाओं से स्वतंत्र

रेल मंत्री ने यह भी कहा कि दिल्ली-मेरठ नमो भारत आरआरटीएस कॉरिडोर और मेरठ मेट्रो कॉरिडोर का इस नई रेल लाइन के एलाइनमेंट पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। दोनों परियोजनाएं स्वतंत्र रूप से संचालित होंगी।

संभावित लाभ

  • हस्तिनापुर के धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व को देखते हुए यहां पर्यटन को बड़ा बढ़ावा मिलेगा।
  • बिजनौर और मेरठ के बीच व्यापारिक गतिविधियों में तेजी आएगी।
  • स्थानीय लोगों को बेहतर और तेज़ परिवहन सुविधा मिलेगी।

यह परियोजना पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए एक गेम-चेंजर साबित हो सकती है। रेल नेटवर्क का विस्तार न केवल यात्रियों की सुविधा बढ़ाएगा, बल्कि क्षेत्रीय विकास और रोजगार के अवसर भी पैदा करेगा।