दिल्ली साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़
दिल्ली क्राइम ब्रांच की साइबर सेल ने ‘डिजिटल अरेस्ट’ नामक साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस गिरोह के दो मुख्य आरोपी — अनिश सिंह और मणि सिंह — को गिरफ्तार किया गया है। इनके बैंक खातों से जुड़े मामलों में अब तक ₹100 करोड़ से अधिक की ठगी सामने आई है।
ठगी का तरीका
- आरोपी खुद को पुलिस अधिकारी या साइबर क्राइम अधिकारी बताकर लोगों को डराते थे।
- वीडियो कॉल पर फर्जी FIR और गिरफ्तारी वारंट दिखाकर मानसिक दबाव बनाते थे।
- पीड़ितों को लगातार कॉल पर रखा जाता था और किसी से बात न करने की हिदायत दी जाती थी।
- इसी दबाव में लोग अपनी बचत आरोपियों के बताए खातों में ट्रांसफर कर देते थे।
केस स्टडी
एक गृहिणी को अक्टूबर से दिसंबर 2025 के बीच ठगों ने निशाना बनाया।
- उन्हें बताया गया कि उनके आधार कार्ड से अपराध हुआ है।
- फर्जी अधिकारी ने धमकी दी कि उनके पति और बेटे को जेल भेजा जाएगा।
- डर के माहौल में पीड़िता ने अपनी जीवनभर की बचत ₹40 लाख ट्रांसफर कर दी।
- बाद में उन्हें झूठा भरोसा दिलाया गया कि “वेरिफिकेशन” के बाद पैसा लौटा दिया जाएगा।
जांच में खुलासा
- जांच इंस्पेक्टर संदीप सिंह और हेड कांस्टेबल अक्षय कुमार ने की।
- नेटवर्क ट्रेसिंग से पता चला कि रकम M/s Vrindakart Skyline Shoppers Pvt. Ltd. के खातों में जा रही थी।
- कंपनी के नाम पर 8 अलग-अलग बैंक खाते खोले गए थे।
- NCRP पोर्टल पर इन खातों से जुड़ीं 190 से ज्यादा शिकायतें और FIR दर्ज हैं।
आरोपी का इतिहास
- दोनों आरोपी पहले भी फरीदाबाद पुलिस द्वारा इसी तरह के मामलों में पकड़े जा चुके हैं।
- वे फर्जी सिम कार्ड और जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल करते थे।








