गाजियाबाद सुसाइड केस में नया मोड़: चेतन कुमार ने पुलिस से छिपाई तीसरी शादी, बेटियों की मौत से समाज स्तब्ध

गाजियाबाद के साहिबाबाद क्षेत्र की भारत सिटी सोसायटी में तीन नाबालिग बहनों—निशिका (16), प्राची (14) और पाखी (12)—की आत्महत्या ने पूरे देश को झकझोर दिया है। यह घटना केवल एक पारिवारिक त्रासदी नहीं, बल्कि आधुनिक समाज में बच्चों पर डिजिटल लत, पारिवारिक तनाव और सांस्कृतिक टकराव के खतरनाक असर को उजागर करती है।

पिता चेतन कुमार की तीन शादियां

पुलिस जांच में सामने आया है कि चेतन कुमार ने पिछले 16 वर्षों में तीन शादियां की थीं।

  • पहली शादी (2010): सुजाता से विवाह किया।
  • दूसरी शादी (2013): सुजाता की बहन हिना से विवाह किया।
  • तीसरी शादी (2021): सीलमपुर निवासी टीना से कोर्ट मैरिज की।

चेतन ने पुलिस को शुरू में केवल दो शादियों की जानकारी दी थी, जिससे जांच भटक गई। बाद में पुलिस को तीन मैरिज सर्टिफिकेट मिले। चेतन का कहना है कि वह अपने चरित्र पर सवालों से बचना चाहता था, इसलिए उसने सच्चाई छिपाई।

Photo Courtesy – Samvaad news agency

पत्नियों की भूमिका और बच्चों पर असर

  • सुजाता और हिना: दोनों अशिक्षित थीं और बेटियों की पढ़ाई पर ध्यान नहीं देती थीं।
  • टीना: शिक्षित थी और बच्चों को पढ़ाई की ओर वापस लाना चाहती थी। उसने मोबाइल फोन की लत और कोरियाई संस्कृति से जुड़ाव को लेकर चेतन से बात की।

टीना ने बच्चों को ट्यूशन लगवाने की पहल की। लेकिन ट्यूशन टीचर ने बताया कि बच्चियां वहां भी खुद को “कोरियन” बताती थीं। इसके बाद घर में डांट-फटकार बढ़ गई।

फ्लैट में कमरे की दीवार पर किशोरी ने लिखी लाइन, “Photo Courtesy – Samvaad news agency”

कोरियाई गेम और डिजिटल लत

पुलिस के अनुसार, तीनों बहनें मोबाइल पर घंटों कोरियाई “लवर गेम” खेलती थीं।

  • उन्होंने अपने कोरियाई नाम भी रख लिए थे: मारिया, अलीजा और सिंडी।
  • पिछले दो साल से वे स्कूल नहीं जा रही थीं।
  • गेम में टास्क पूरे करने की लत ने उन्हें वास्तविक जीवन से अलग कर दिया।

चेतन ने तीन दिन पहले उनके फोन छीन लिए थे। इससे वे बेहद परेशान हो गईं और छिपकर माता-पिता का फोन इस्तेमाल करने लगीं।

आत्महत्या की रात

मंगलवार देर रात करीब 2 बजे तीनों बहनों ने नौवीं मंजिल की बालकनी से कूदकर जान दे दी।

  • पुलिस को कमरे से एक पॉकेट डायरी मिली, जिसमें आठ पन्नों का सुसाइड नोट था।
  • नोट में उन्होंने अपनी डिजिटल लत और परिवार से दूरी का जिक्र किया।

Society Building

परिवार की मानसिक स्थिति

घटना के बाद सुजाता और हिना सदमे में हैं। वे बार-बार कहती हैं—“कोरियन ने मेरी बेटी को मार डाला।” टीना और चेतन उन्हें संभालने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन परिवार पूरी तरह टूट चुका है।

समाज और पड़ोस की प्रतिक्रिया

भारत सिटी सोसायटी के लोगों ने चेतन के परिवार के वहां रहने पर आपत्ति जताई है।

  • एओए अध्यक्ष जयप्रकाश ठाकुर ने बताया कि फ्लैट मालिकों से बातचीत हो रही है।
  • संभावना है कि चेतन और उसका परिवार जल्द ही फ्लैट खाली करने पर मजबूर हो सकता है।

सोसायटी के पार्क में अब भी खून और कपड़ों के टुकड़े पड़े हैं। बच्चे वहां खेलते हुए डर जाते हैं। स्थानीय महिलाओं ने सफाई की मांग की है। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि जल्द सफाई कराई जाएगी।

Note Written by Suicide girls

सामाजिक और मनोवैज्ञानिक पहलू

यह घटना कई गंभीर सवाल उठाती है:

  • डिजिटल लत: बच्चों में मोबाइल और ऑनलाइन गेमिंग की लत किस हद तक खतरनाक हो सकती है।
  • पारिवारिक तनाव: माता-पिता के रिश्तों और बार-बार होने वाली शादियों का असर बच्चों की मानसिकता पर पड़ता है।
  • सांस्कृतिक टकराव: जब बच्चे किसी विदेशी संस्कृति में खो जाते हैं और परिवार उन्हें रोकने की कोशिश करता है, तो टकराव बढ़ सकता है।

गाजियाबाद की यह घटना केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि समाज के लिए चेतावनी है। बच्चों को डिजिटल दुनिया में खोने से बचाने के लिए माता-पिता को समय पर हस्तक्षेप करना होगा। साथ ही, पारिवारिक स्थिरता और संवाद बच्चों की मानसिक सेहत के लिए बेहद जरूरी है।