मलेशिया से पाकिस्तान को पीएम मोदी का सख्त संदेश: आतंकवाद पर भारत का रुख साफ, कोई समझौता नहीं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मलेशिया के दो दिवसीय दौरे पर पहुंचे, जहां उनका भव्य स्वागत किया गया। मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने एयरपोर्ट पर स्वयं उनका स्वागत किया। इस दौरे का उद्देश्य भारत-मलेशिया संबंधों को रक्षा, सुरक्षा, व्यापार और तकनीकी क्षेत्रों में नई ऊंचाइयों तक ले जाना था।
पाकिस्तान को अप्रत्यक्ष संदेश मोदी ने पाकिस्तान का नाम लिए बिना आतंकवाद पर भारत की नीति को दोहराया। उन्होंने कहा कि भारत का संदेश स्पष्ट है—
- आतंकवाद पर कोई समझौता नहीं
- कोई दोहरा मापदंड नहीं
- राष्ट्रीय सुरक्षा पर भारत का रुख अडिग है
यह बयान ऐसे समय आया है जब भारत ने पिछले वर्षों में कई बार पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर कार्रवाई की है। मई 2025 में “ऑपरेशन सिंदूर” के तहत भारत ने पाकिस्तान के 9 आतंकी ठिकानों और 11 सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया था।
भारत-मलेशिया सहयोग के नए आयाम दोनों देशों ने कई महत्वपूर्ण समझौते किए, जिनमें शामिल हैं:
- रक्षा और समुद्री सुरक्षा: खुफिया जानकारी साझा करना और नौसैनिक सहयोग बढ़ाना।
- सेमीकंडक्टर और डिजिटल टेक्नोलॉजी: एआई, स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा में साझेदारी।
- व्यापार और निवेश: द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ावा देने के लिए नई पहलें।
मोदी ने कहा कि भारत और मलेशिया “विशेष संबंध” साझा करते हैं। मलेशिया दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा देश है जहां भारतीय मूल की आबादी रहती है, जिससे सांस्कृतिक और ऐतिहासिक रिश्ते और गहरे होते हैं।
हिंद-प्रशांत क्षेत्र पर दृष्टिकोण मोदी ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र को “दुनिया का विकास इंजन” बताया। उन्होंने ASEAN देशों के साथ मिलकर शांति, स्थिरता और विकास को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई। मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने भी भारत की आर्थिक प्रगति की सराहना की और कहा कि दोनों देश व्यापार, निवेश और रक्षा सहयोग को और मजबूत करेंगे।








