बजट 2026: नया इनकम टैक्स कानून 1 अप्रैल से लागू, करदाताओं को मिलेगी राहत

भारत सरकार ने केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करते हुए करदाताओं के लिए कई अहम घोषणाएं की हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में बताया कि जुलाई 2025 में अधिसूचित किया गया नया आयकर कानून आगामी 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होगा। इस कानून का उद्देश्य करदाताओं को राहत देना, उनकी डिस्पोजेबल इनकम बढ़ाना और आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करना है।

नए कानून की पृष्ठभूमि

पिछले साल के बजट 2025-26 में सरकार ने व्यक्तिगत आयकर व्यवस्था में बड़े बदलाव किए थे। इन बदलावों का मकसद वेतनभोगी वर्ग को राहत देना और उपभोग बढ़ाकर आर्थिक विकास को गति देना था। उसी दिशा में आगे बढ़ते हुए सरकार ने अब एक नया आयकर कानून लागू करने का फैसला किया है, जो करदाताओं के लिए अधिक सरल और पारदर्शी होगा।

नए आयकर कानून की मुख्य विशेषताएं

  • सरल संरचना: कर स्लैब और दरों को आसान बनाया गया है ताकि आम करदाता बिना जटिल गणनाओं के अपना टैक्स रिटर्न दाखिल कर सके।
  • स्वचालित प्रणाली: छोटे करदाताओं के लिए नियम-आधारित ऑटोमेटेड सिस्टम लागू करने का प्रस्ताव रखा गया है। इससे टैक्स फाइलिंग की प्रक्रिया तेज और पारदर्शी होगी।
  • डिस्पोजेबल इनकम में वृद्धि: टैक्स दरों में राहत देकर लोगों की हाथ में आने वाली आय बढ़ेगी, जिससे खपत और निवेश को बढ़ावा मिलेगा।
  • डिजिटल सुविधा: टैक्सपेयर्स को ऑनलाइन पोर्टल और मोबाइल ऐप के जरिए आसानी से टैक्स से जुड़ी सेवाएं उपलब्ध होंगी।
  • अनुपालन में सुधार: टैक्स चोरी रोकने और अनुपालन बढ़ाने के लिए नई तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा।

वित्त मंत्री का जोर

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकार ने करदाताओं की उम्मीदों को ध्यान में रखते हुए यह नया कानून तैयार किया है। उनका कहना था कि टैक्सपेयर्स देश की आर्थिक रीढ़ हैं और उनकी सुविधा को प्राथमिकता देना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने यह भी बताया कि नए प्रावधानों से न केवल करदाताओं को राहत मिलेगी बल्कि आर्थिक गतिविधियों को भी मजबूती मिलेगी।

छोटे करदाताओं के लिए खास ध्यान

  • छोटे और मध्यम आय वर्ग के करदाताओं को टैक्स फाइलिंग में आसानी होगी।
  • नियम-आधारित ऑटोमेटेड सिस्टम से उन्हें बार-बार दस्तावेज़ जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी।
  • टैक्स रिफंड की प्रक्रिया तेज होगी और पारदर्शिता बढ़ेगी।

आर्थिक प्रभाव

नए आयकर कानून से सरकार को उम्मीद है कि:

  • खपत में वृद्धि होगी क्योंकि लोगों के पास अधिक डिस्पोजेबल इनकम होगी।
  • निवेश को बढ़ावा मिलेगा क्योंकि करदाताओं को बचत और निवेश योजनाओं में अधिक अवसर मिलेंगे।
  • आर्थिक विकास दर तेज होगी क्योंकि टैक्सपेयर्स की आय बढ़ने से बाजार में मांग बढ़ेगी।

विशेषज्ञों की राय

आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि नया कानून करदाताओं के लिए राहतकारी साबित होगा। इससे टैक्स अनुपालन आसान होगा और सरकार को राजस्व संग्रह में स्थिरता मिलेगी। हालांकि, विशेषज्ञ यह भी कहते हैं कि कानून के सफल क्रियान्वयन के लिए डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना जरूरी होगा।