“गणतंत्र दिवस 2026: पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री से चमका भारत का गौरव”
131 हस्तियों को पद्म सम्मान, 70 सैनिकों को वीरता पुरस्कार – अनसंग हीरोज को भी मिली राष्ट्रीय पहचान
भारत का 77वां गणतंत्र दिवस केवल परेड और सांस्कृतिक कार्यक्रमों तक सीमित नहीं रहा। इस वर्ष गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्र ने अपने असाधारण नागरिकों और वीर सैनिकों को सर्वोच्च सम्मान प्रदान कर एक बार फिर यह संदेश दिया कि भारत की शक्ति केवल उसकी सेना या राजनीति में नहीं, बल्कि उन साधारण नागरिकों में भी निहित है जिन्होंने असाधारण कार्य कर समाज को नई दिशा दी है।
केंद्र सरकार ने वर्ष 2026 के लिए पद्म पुरस्कारों और वीरता सम्मानों की आधिकारिक घोषणा की। इस बार कुल 131 पद्म पुरस्कार दिए जा रहे हैं, जिनमें 5 पद्म विभूषण, 13 पद्म भूषण और 113 पद्म श्री शामिल हैं। इसके साथ ही 70 सैन्य कर्मियों को वीरता पुरस्कार प्रदान किए गए, जिनमें एक अशोक चक्र, तीन कीर्ति चक्र और 13 शौर्य चक्र शामिल हैं।
धर्मेंद्र को पद्म विभूषण, शुभांशु शुक्ला को अशोक चक्र
इस वर्ष की सबसे बड़ी घोषणा रही अभिनेता धर्मेंद्र को पद्म विभूषण से सम्मानित करना। धर्मेंद्र भारतीय सिनेमा के उस दौर के प्रतीक रहे हैं जब फिल्मों ने समाज को जोड़ने और प्रेरित करने का काम किया। उनकी लोकप्रियता केवल अभिनय तक सीमित नहीं रही, बल्कि वे ग्रामीण भारत की आकांक्षाओं और संघर्षों के प्रतिनिधि भी बने।
धर्मेंद्र को मरणोपरांत यह सम्मान दिया गया है। उनके योगदान ने हिंदी सिनेमा को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया और उन्हें “ही‑मैन” के रूप में पहचान दिलाई।
दूसरी ओर, भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को अशोक चक्र से सम्मानित किया गया। वे अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन तक पहुँचने वाले पहले भारतीय बने। यह उपलब्धि न केवल भारतीय वायुसेना के लिए बल्कि पूरे राष्ट्र के लिए ऐतिहासिक है। शुक्ला का साहस और समर्पण उन्हें सर्वोच्च शांतिकालीन वीरता सम्मान का अधिकारी बनाता है।
पद्म पुरस्कारों की परंपरा
पद्म पुरस्कार भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में से हैं। इन्हें तीन श्रेणियों में दिया जाता है:
- पद्म विभूषण – असाधारण और विशिष्ट सेवा के लिए
- पद्म भूषण – उच्च कोटि की विशिष्ट सेवा के लिए
- पद्म श्री – किसी भी क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए
ये पुरस्कार कला, साहित्य, शिक्षा, विज्ञान, चिकित्सा, सामाजिक सेवा, खेल, उद्योग, सार्वजनिक जीवन और सिविल सेवा जैसे विविध क्षेत्रों में दिए जाते हैं।
इस वर्ष की विशेषताएँ
गृह मंत्रालय द्वारा जारी सूची में कई महत्वपूर्ण पहलू सामने आए:
- कुल 131 हस्तियों को सम्मानित किया गया।
- 16 मरणोपरांत पुरस्कार दिए गए।
- महिलाओं, विदेशी नागरिकों, एनआरआई, पीआईओ और ओसीआई श्रेणी के लोगों को भी शामिल किया गया।
- ‘अनसंग हीरोज’ यानी ऐसे आम नागरिकों को भी सम्मानित किया गया जिन्होंने बिना प्रसिद्धि के समाज में असाधारण योगदान दिया।
पद्म विभूषण विजेता
इस वर्ष पद्म विभूषण से सम्मानित पाँच हस्तियाँ हैं:
- धर्मेंद्र (कला, महाराष्ट्र – मरणोपरांत)
- वी. एस. अच्युतानंदन (जनसेवा, केरल – मरणोपरांत)
- के. टी. थॉमस (जनसेवा, केरल – मरणोपरांत)
- एन. राजम (हिंदुस्तानी शास्त्रीय वायलिन वादक, उत्तर प्रदेश)
- पी. नारायणन (वरिष्ठ मलयालम पत्रकार, साहित्य एवं शिक्षा, केरल)
इन हस्तियों ने अपने-अपने क्षेत्र में असाधारण योगदान दिया और भारतीय समाज को समृद्ध किया।
पद्म भूषण विजेता
पद्म भूषण से सम्मानित 13 हस्तियों में कला, राजनीति, उद्योग और चिकित्सा जगत की प्रमुख हस्तियाँ शामिल हैं:
- अलका याग्निक (गायिका)
- भगत सिंह कोश्यारी (राजनीति)
- ममूटी (अभिनेता)
- उदय कोटक (उद्योगपति)
- पियूष पांडे (विज्ञापन जगत)
- शिबू सोरेन (मरणोपरांत, राजनीति)
- वी. के. मल्होत्रा (मरणोपरांत, खेल)
- विजय अमृतराज (टेनिस खिलाड़ी)
- वेल्लापल्ली नटेसन (सामाजिक कार्यकर्ता)
- शतावधानी आर. गणेश (कला)
- एसकेएम मैइलानंदन (कृषि)
- डॉ. नोरी दत्तात्रेयुडु (चिकित्सा)
- कल्लीपट्टी रामासामी पलानीस्वामी (कृषि)
पद्म श्री और ‘अनसंग हीरोज’
पद्म श्री की सूची सबसे विस्तृत रही। इसमें 113 हस्तियाँ शामिल हैं, जिनमें से 45 को विशेष रूप से ‘अनसंग हीरोज’ श्रेणी में रखा गया।
कुछ प्रमुख नाम और योगदान
- अंके गौड़ा (कर्नाटक, साहित्य एवं शिक्षा): पूर्व बस कंडक्टर, जिन्होंने दुनिया की सबसे बड़ी फ्री-एक्सेस लाइब्रेरी ‘पुस्तक माने’ बनाई।
- डॉ. अरमिडा फर्नांडीज (महाराष्ट्र, चिकित्सा): एशिया का पहला ह्यूमन मिल्क बैंक स्थापित कर हजारों नवजातों की जान बचाई।
- भिखल्या लाडक्या ढिंडा (महाराष्ट्र, कला): 90 वर्षीय तारपा वादक, दुर्लभ वाद्य परंपरा को जीवित रखा।
- बुधरी ताती (छत्तीसगढ़, समाज सेवा): नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में स्कूल स्थापित किए।
- चरण हेम्ब्रम (ओडिशा, साहित्य एवं शिक्षा): संथाली लेखक और संगीतकार।
- चिरंजी लाल यादव (उत्तर प्रदेश, कला): मुरादाबाद के पीतल शिल्प विशेषज्ञ।
- कुमारस्वामी थंगराज (तेलंगाना, चिकित्सा): आनुवंशिकीविद्, मानव माइग्रेशन पर शोध।
- पाजनीवेल (पुडुचेरी, कला): तमिल पारंपरिक मार्शल आर्ट ‘सिलंबम’ के संवर्धक।
- कैलाश चंद्र पंत (मध्य प्रदेश, साहित्य एवं शिक्षा): हिंदी भाषा के प्रचार में 60 वर्षों का योगदान।
- खेम राज सुंदरियाल (हरियाणा, कला): बुनाई और पानीपत ‘खेस’ को पुनर्जीवित किया।
इसके अलावा पर्यावरण, कृषि, चिकित्सा और पारंपरिक कला-संस्कृति से जुड़े कई नाम सूची में शामिल हैं।
वीरता पुरस्कार
इस वर्ष कुल 70 सैन्य कर्मियों को वीरता पुरस्कार दिए गए।
- 1 अशोक चक्र – ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला
- 3 कीर्ति चक्र – मेजर अरशदीप सिंह, नायब सूबेदार दोलेश्वर सुब्बा, ग्रुप कैप्टन प्रशांत बालकृष्णन नायर
- 13 शौर्य चक्र
- 1 सेना मेडल (बार सहित)
- 44 सेना मेडल
इनमें से छह सम्मान मरणोपरांत दिए गए।
प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा:
“सभी पद्म पुरस्कार विजेताओं को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए हार्दिक बधाई। विभिन्न क्षेत्रों में उनकी उत्कृष्टता, समर्पण और सेवा ने हमारे समाज को समृद्ध किया है। यह सम्मान उस प्रतिबद्धता और उत्कृष्टता की भावना को दर्शाता है, जो पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।”
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा:
“पद्म पुरस्कार पाने वाले लोग सामाजिक बदलाव के पथप्रदर्शक हैं। अपने असाधारण कार्य, नवाचार और निरंतर समर्पण से उन्होंने देश की प्रगति को नई दिशा दी है।”
‘अनसंग हीरोज’ की परंपरा
पिछले कुछ वर्षों से सरकार ने ‘अनसंग हीरोज’ को सम्मानित करने की परंपरा शुरू की है। इसका उद्देश्य उन साधारण नागरिकों को राष्ट्रीय पहचान देना है जिन्होंने बिना किसी प्रसिद्धि के समाज में असाधारण योगदान दिया।








