अमेरिका ने सीरिया में ISIS के ठिकानों पर की बड़ी कार्रवाई

ऑपरेशन “हॉकआई स्ट्राइक” के तहत जवाबी हमला

अमेरिका ने सीरिया में इस्लामिक स्टेट (ISIS) के ठिकानों पर एक बार फिर बड़े पैमाने पर बमबारी की है। यह कार्रवाई ऑपरेशन हॉकआई स्ट्राइक का हिस्सा है, जिसे अमेरिकी प्रशासन ने हाल ही में पाल्मायरा में हुए घातक हमले के जवाब में शुरू किया है।

हमले की पृष्ठभूमि

पिछले महीने पाल्मायरा में ISIS के हमले में दो अमेरिकी सैनिक—सार्जेंट एडगर ब्रायन टोरेस‑टोवर और सार्जेंट विलियम नथानिएल हॉवर्ड—के साथ एक अमेरिकी सिविलियन इंटरप्रेटर अयाद मंसूर सकत की मौत हो गई थी। इस घटना ने अमेरिकी सेना को कठोर जवाबी कार्रवाई के लिए मजबूर किया।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड का बयान

शनिवार को जारी आधिकारिक बयान में अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा:

  • “हमारा संदेश साफ है—अगर कोई हमारे सैनिकों को नुकसान पहुंचाता है, तो हम उसे दुनिया में कहीं भी ढूंढ निकालेंगे और खत्म कर देंगे। न्याय से बचने की कोई भी कोशिश नाकाम होगी।”
  • कमांड ने यह भी स्पष्ट किया कि हमले पार्टनर फोर्सेज के साथ मिलकर किए गए, हालांकि किन फोर्सेज ने हिस्सा लिया, इसका खुलासा नहीं किया गया।

हमले का पैमाना

  • शनिवार की कार्रवाई में सीरिया के विभिन्न इलाकों में ISIS के कई ठिकानों को निशाना बनाया गया।
  • इससे पहले 19 दिसंबर को भी अमेरिका ने केंद्रीय सीरिया में लगभग 70 ठिकानों पर हमला कर IS के इंफ्रास्ट्रक्चर और हथियारों को तबाह किया था।
  • यह नया हमला उसी रणनीति का विस्तार है, जिसमें IS की सैन्य क्षमता को कमजोर करना मुख्य उद्देश्य है।

सीरिया सरकार और गठबंधन की भूमिका

  • लंबे समय से अमेरिका की मुख्य सहयोगी रही कुर्द नेतृत्व वाली सीरियन डेमोक्रेटिक फोर्सेज इस अभियान में अहम भूमिका निभा रही हैं।
  • दिसंबर 2024 में पूर्व राष्ट्रपति बशर अल‑असद को हटाए जाने के बाद सीरिया की नई सरकार ने वॉशिंगटन के साथ तालमेल बढ़ाया है।
  • हाल ही में सीरिया ने भी IS के खिलाफ वैश्विक गठबंधन में शामिल होकर अमेरिका की रणनीति को मजबूती दी है।

निष्कर्ष

अमेरिका का यह ऑपरेशन स्पष्ट संदेश देता है कि उसके सैनिकों पर हमला करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। “हॉकआई स्ट्राइक” न केवल पाल्मायरा हमले का जवाब है, बल्कि यह IS के खिलाफ जारी वैश्विक लड़ाई का हिस्सा भी है।