उत्तर भारत में ठंड और कोहरे की दोहरी मार

उत्तर भारत इन दिनों ठंड और कोहरे की दोहरी मार झेल रहा है। मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश, बिहार, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड और दिल्ली-एनसीआर समेत कई राज्यों में घने कोहरे और शीतलहर का अलर्ट जारी किया है। यह स्थिति न केवल आम जनजीवन को प्रभावित कर रही है, बल्कि परिवहन व्यवस्था पर भी गंभीर असर डाल रही है।

कोहरे का कहर: विज़िबिलिटी शून्य के करीब

घना कोहरा इन दिनों उत्तर भारत के अधिकांश हिस्सों में सुबह और देर रात को छाया हुआ है। हाईवे और एक्सप्रेसवे पर गाड़ियों की रफ्तार थम गई है। विज़िबिलिटी अचानक कम हो जाने से सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि वे गाड़ी चलाते समय हेडलाइट और फॉग लाइट का इस्तेमाल करें, धीमी गति से वाहन चलाएं और गैर-जरूरी यात्राओं से बचें।

कोहरे का असर केवल सड़कों तक सीमित नहीं है। रेल और हवाई सेवाओं पर भी इसका गहरा असर देखा जा रहा है। कई ट्रेनें घंटों की देरी से चल रही हैं और उड़ानों का शेड्यूल भी प्रभावित हो रहा है।

शीतलहर का प्रकोप

कोहरे के साथ-साथ शीतलहर ने भी लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। उत्तर प्रदेश और बिहार में तापमान सामान्य से काफी नीचे चला गया है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले दो से तीन दिनों तक शीतलहर का असर बना रहेगा। इसका मतलब है कि लोगों को ठंड से बचाव के लिए अतिरिक्त सावधानी बरतनी होगी।

शीतलहर का सबसे ज्यादा असर सुबह और देर रात के समय होता है। इस दौरान तापमान तेजी से गिरता है और ठंडक बढ़ जाती है। बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों के लिए यह स्थिति और भी खतरनाक हो सकती है।

यूपी के जिलों में रेड अलर्ट

उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बेहद घने कोहरे का अलर्ट जारी किया गया है। इनमें प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर, बरेली, कानपुर, आगरा, मुरादाबाद, लखीमपुर खीरी और महाराजगंज जैसे जिले शामिल हैं। मौसम विभाग ने इन जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। इसका मतलब है कि इन इलाकों में कोहरे की स्थिति बेहद गंभीर हो सकती है और विज़िबिलिटी लगभग शून्य तक गिर सकती है।

रेड अलर्ट का सीधा संकेत है कि लोगों को यात्रा करते समय बेहद सतर्क रहना होगा। प्रशासन भी लगातार लोगों को जागरूक कर रहा है और स्थानीय स्तर पर एडवाइजरी जारी की जा रही है।

दिल्ली में सीजन का सबसे ठंडा दिन

दिल्ली-एनसीआर भी ठंड और कोहरे की चपेट में है। गुरुवार को दिल्ली में इस सीजन का सबसे ठंडा दिन दर्ज किया गया। अधिकतम तापमान सामान्य से 2.1 डिग्री कम होकर 20.1 डिग्री सेल्सियस रहा।

आईएमडी के आंकड़ों के अनुसार, इससे पहले 4 दिसंबर को अधिकतम तापमान 23.7 डिग्री सेल्सियस था, जो उस समय सीजन का सबसे ठंडा दिन माना गया था। नवंबर में भी एक दिन तापमान 24.3 डिग्री सेल्सियस तक गिरा था। तुलना करें तो पिछले साल दिसंबर में सबसे कम अधिकतम तापमान 14.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।

पिछले वर्षों में दिसंबर के दौरान तापमान में गिरावट का रिकॉर्ड भी दिलचस्प है। 31 दिसंबर 2023 को अधिकतम तापमान 15.9 डिग्री सेल्सियस, 26 दिसंबर 2022 को 15.6 डिग्री सेल्सियस और 26 दिसंबर 2021 को 18 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। इस बार तापमान अपेक्षाकृत अधिक है, लेकिन कोहरे और शीतलहर के कारण ठंड का असर ज्यादा महसूस हो रहा है।

आम जनता पर असर

ठंड और कोहरे की इस दोहरी मार का असर आम जनता पर साफ दिखाई दे रहा है।

  • कामकाजी लोग: सुबह दफ्तर जाने वालों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
  • स्कूल जाने वाले बच्चे: कई जगहों पर स्कूलों का समय बदल दिया गया है ताकि बच्चों को ठंड से बचाया जा सके।
  • व्यापार और परिवहन: ट्रेनों और बसों की लेट-लतीफी से व्यापारिक गतिविधियों पर असर पड़ रहा है।

सावधानियां और उपाय

मौसम विभाग और प्रशासन ने लोगों को कुछ जरूरी सावधानियां बरतने की सलाह दी है:

घर से बाहर निकलते समय गर्म कपड़े पहनें।

बुजुर्गों और बच्चों को ठंड से बचाने के लिए विशेष ध्यान दें।

यात्रा करते समय फॉग लाइट और हेडलाइट का इस्तेमाल करें।

गैर-जरूरी यात्राओं से बचें।

स्थानीय प्रशासन की एडवाइजरी पर ध्यान दें।