“बिजनौर में निजी अस्पताल में प्रैक्टिस करते पकड़े गए मुजफ्फरनगर सीएमओ , टीम पहुंचते ही बाथरूम में छिपे”

बिजनौर। मुजफ्फरनगर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. सुनील तेवतिया एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। रविवार दोपहर लगभग एक बजे उत्तर प्रदेश महिला आयोग की सदस्य संगीता जैन अग्रवाल ने चांदपुर स्थित नवजीवन नर्सिंग होम का औचक निरीक्षण किया, जहां सीएमओ को निजी प्रैक्टिस करते हुए पाया गया।

निरीक्षण के दौरान खुली पोल

  • संगीता जैन अग्रवाल को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि सीएमओ नियमित रूप से ओपीडी चला रहे हैं और मरीजों से ₹300 प्रति व्यक्ति शुल्क ले रहे हैं।
  • शिकायतों की पुष्टि के लिए वह पुलिस टीम के साथ नर्सिंग होम पहुंचीं।
  • निरीक्षण के दौरान अस्पताल में मरीजों की भीड़ मौजूद थी। टीम को देखते ही डॉ. तेवतिया बाथरूम में जाकर अंदर से दरवाजा बंद कर बैठे।
  • काफी देर तक दरवाजा खटखटाने के बाद वे बाहर निकले और रुमाल से मुंह पोंछते हुए सामने आए।

पहले भी मिली थी चेतावनी

  • दो महीने पूर्व भी इसी नर्सिंग होम के निरीक्षण में डॉ. तेवतिया निजी प्रैक्टिस करते पाए गए थे।
  • उस समय उन्हें स्पष्ट चेतावनी दी गई थी कि सरकारी पद पर रहते हुए निजी प्रैक्टिस करना नियमों के विरुद्ध है।
  • बावजूद इसके, उन्होंने चेतावनी को नजरअंदाज कर प्रैक्टिस जारी रखी।

सीएमओ का पक्ष

  • डॉ. सुनील तेवतिया ने आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि उन पर लगाए जा रहे प्रैक्टिस करने के आरोप निराधार हैं।
  • उन्होंने दावा किया कि निरीक्षण के दौरान जो स्थिति दिखाई गई, वह वास्तविकता से भिन्न है।

आगे की कार्रवाई

  • एडी हेल्थ डॉ. रामानंद ने इस पूरे मामले पर सीएमओ से जवाब तलब किया है।
  • महिला आयोग की सदस्य संगीता जैन ने बताया कि उन्होंने इस प्रकरण की विस्तृत रिपोर्ट बिजनौर सीएमओ को भेज दी है और महिला आयोग को भी अवगत करा दिया है।
  • अब देखना होगा कि स्वास्थ्य विभाग इस मामले में क्या कदम उठाता है।