दिल्ली बम ब्लास्ट केस में बड़ा खुलासा, संदिग्धों के पास दो कारें, लाल रंग की फोर्ड इको स्पोर्ट की तलाश तेज

🚨 बड़ा खुलासा

दिल्ली बम ब्लास्ट केस की जांच में सुरक्षा एजेंसियों को अहम सुराग मिले हैं। शुरुआती जांच में यह सामने आया था कि संदिग्धों के पास एक I20 कार थी, लेकिन अब पता चला है कि उनके पास एक और लाल रंग की फोर्ड इको स्पोर्ट भी थी। इस खुलासे ने जांच को और पेचीदा बना दिया है।

🚔 पुलिस अलर्ट

  • दिल्ली के सभी पुलिस स्टेशन, पुलिस चौकियां और सीमा चौकियां को लाल रंग की फोर्ड इको स्पोर्ट कार की तलाश के लिए सतर्क कर दिया गया है।
  • यूपी और हरियाणा पुलिस को भी इस कार के बारे में अलर्ट भेजा गया है।
  • दिल्ली पुलिस की पांच टीमें इस कार की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही हैं।

🚗 संदिग्ध कार का विवरण

विवरणजानकारी
मॉडलफोर्ड इको स्पोर्ट
रंगलाल
रजिस्ट्रेशन नंबरDL10CK0458
रजिस्टर्ड पताराजौरी गार्डन, दिल्ली
खरीद की तारीख22 नवंबर 2017

यह कार संदिग्ध आतंकियों से जुड़ी बताई जा रही है और माना जा रहा है कि इसे हमले की योजना में इस्तेमाल किया गया था।

डॉ. परवेज के घर से मिले अहम सुराग

🕵️‍♂️ बरामद सामान

जांच टीम ने डॉ. शाहीन के भाई डॉ. परवेज के घर से कई अहम दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए। इनमें शामिल हैं:

  • चाकू
  • कीपैड वाला मोबाइल फोन
  • लैपटॉप
  • अन्य दस्तावेज और गैजेट्स

💻 डिजिटल कनेक्शन

लैपटॉप की जांच से पता चला कि:

  • डॉ. परवेज, डॉ. शाहीन और डॉ. मुज़म्मिल ऑनलाइन जुड़े रहते थे।
  • डॉ. मुज़म्मिल ने डॉ. शाहीन के साथ मिलकर डॉ. परवेज को भी कट्टरपंथी बनाया।
  • यह तीनों पिछले दो-तीन साल से आतंकी हमले की योजना बना रहे थे।
  • उन्होंने कई जगहों की रेकी (जांच-पड़ताल) भी की थी।

अन्य जांच

  • यूपी एटीएस और जम्मू पुलिस ने डॉ. शाहीन और डॉ. परवेज के पिता के घर की भी तलाशी ली।
  • पिता के घर से कोई खास सुराग नहीं मिला, केवल फोन की जांच की गई और वापस कर दिया गया।
  • डॉ. परवेज के घर के बाहर मिली गाड़ी सहारनपुर से खरीदी गई थी।

🔎 निष्कर्ष

दिल्ली बम ब्लास्ट केस की जांच अब दो कारों और तीन संदिग्ध डॉक्टरों के नेटवर्क पर केंद्रित हो गई है।

  • लाल रंग की फोर्ड इको स्पोर्ट कार की तलाश में पुलिस की पांच टीमें सक्रिय हैं।
  • डॉ. परवेज के घर से मिले दस्तावेज और गैजेट्स ने जांच को नई दिशा दी है।
  • यह साफ हो रहा है कि संदिग्ध लंबे समय से आतंकी हमले की योजना बना रहे थे।