अयोध्या और वाराणसी को निशाना बनाने की साजिश, दिल्ली ब्लास्ट के बाद बड़ा खुलासा

दिल्ली में 10 नवंबर को हुए भीषण धमाके के बाद देशभर में सुरक्षा एजेंसियों ने व्यापक छापेमारी शुरू की थी। इस दौरान गिरफ्तार आतंकियों से पूछताछ में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। सूत्रों के अनुसार, आतंकियों की योजना केवल दिल्ली तक सीमित नहीं थी, बल्कि उत्तर प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों—अयोध्या और वाराणसी—को भी निशाना बनाने की थी। यह खुलासा देश की सुरक्षा व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गया है।

अयोध्या में सक्रिय किया गया स्लीपर मॉड्यूल

जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आतंकी शाहीन ने अयोध्या में पहले से मौजूद स्लीपर मॉड्यूल को सक्रिय कर दिया था। इस मॉड्यूल का उद्देश्य वहां विस्फोट कर धार्मिक स्थलों को नुकसान पहुंचाना और बड़े पैमाने पर दहशत फैलाना था। हालांकि, पुलिस और खुफिया एजेंसियों की सतर्कता के चलते यह योजना समय रहते विफल कर दी गई। विस्फोटक सामग्री बरामद कर ली गई और कई संदिग्धों को हिरासत में लिया गया।

वाराणसी और अस्पताल भी थे निशाने पर

सूत्रों के मुताबिक, आतंकियों की हिट लिस्ट में भीड़-भाड़ वाले इलाके और अस्पताल भी शामिल थे। उनका मकसद अधिक से अधिक लोगों को नुकसान पहुंचाना था। वाराणसी जैसे धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व वाले शहर को निशाना बनाने की योजना से साफ है कि आतंकी देश की आस्था और सामाजिक सौहार्द को चोट पहुंचाना चाहते थे।

दिल्ली ब्लास्ट: जल्दबाजी में अंजाम दी गई वारदात

10 नवंबर की शाम करीब 7 बजे दिल्ली के लाल किले के पास एक कार में विस्फोट हुआ था। इस धमाके में 12 लोगों की मौत हो गई और 20 से अधिक लोग घायल हुए। कई वाहन भी इसकी चपेट में आ गए। जांच अधिकारियों का मानना है कि यह ब्लास्ट योजनाबद्ध तरीके से नहीं किया गया था, क्योंकि इसमें टाइमर या अन्य तकनीकी उपकरणों का इस्तेमाल नहीं हुआ। इसे जल्दबाजी और हड़बड़ी में अंजाम दिया गया।

प्रमुख संदिग्धों पर शिकंजा

इस मामले में तीन प्रमुख नाम सामने आए हैं—डॉ. मुजम्मिल, डॉ. अदील अहमद डार और डॉ. उमर। जानकारी के अनुसार, धमाके के समय डॉ. उमर की मौत हो गई थी, जबकि डॉ. मुजम्मिल और डॉ. अदील अहमद डार को गिरफ्तार कर लिया गया है। इनसे पूछताछ जारी है और सुरक्षा एजेंसियां इनके नेटवर्क और अन्य मॉड्यूल्स की जानकारी जुटा रही हैं।

निष्कर्ष

दिल्ली धमाके के बाद सामने आए इन खुलासों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि आतंकी संगठन देश के धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्रों को निशाना बनाकर व्यापक अस्थिरता फैलाना चाहते थे। अयोध्या और वाराणसी जैसे शहरों को निशाना बनाने की योजना से यह साफ होता है कि उनका उद्देश्य केवल जान-माल का नुकसान नहीं, बल्कि देश की आस्था और एकता पर भी हमला करना था। सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई ने इस बड़ी साजिश को समय रहते नाकाम कर दिया।