आर्य महासम्मेलन 2025 में प्रधानमंत्री मोदी का संबोधन, आज हमारी बेटियां उड़ा रही हैं लड़ाकू विमान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय आर्य महासम्मेलन 2025 में भाग लेते हुए भारत की वैदिक परंपरा, महिला सशक्तिकरण और आर्य समाज की ऐतिहासिक भूमिका पर प्रकाश डाला। यह आयोजन महर्षि दयानंद सरस्वती की 200वीं जयंती और आर्य समाज की 150 वर्षों की सेवा यात्रा के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया।

👩‍✈️ महिला शक्ति का गौरवपूर्ण उल्लेख

प्रधानमंत्री ने स्क्वाड्रन लीडर शिवांगी सिंह का नाम लेते हुए कहा कि आज भारत की बेटियां राफेल जैसे लड़ाकू विमानों को उड़ाने में सक्षम हैं। उन्होंने बताया कि हाल ही में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राफेल विमान में उड़ान भरी थी, जिसमें शिवांगी सिंह उनकी सह-पायलट थीं। यह उदाहरण दर्शाता है कि भारतीय महिलाएं अब रक्षा और विज्ञान जैसे क्षेत्रों में अग्रणी भूमिका निभा रही हैं

  • भारत में सबसे अधिक महिला STEM स्नातक हैं।
  • महिलाएं अब ड्रोन तकनीक के माध्यम से आधुनिक कृषि को भी बढ़ावा दे रही हैं।

🕉️ वैदिक पहचान और आर्य समाज की भूमिका

प्रधानमंत्री ने कहा कि आर्य समाज की स्थापना का 150वां वर्ष केवल एक सम्प्रदाय का उत्सव नहीं है, बल्कि यह भारत की वैदिक आत्मा का उत्सव है। उन्होंने इसे गंगा के प्रवाह की तरह बताया—जो समय के साथ स्वयं को परिष्कृत करता है।

  • आर्य समाज ने स्वतंत्रता संग्राम में कई क्रांतिकारियों को वैचारिक ऊर्जा दी।
  • राजनीतिक कारणों से इसकी भूमिका को वह सम्मान नहीं मिला, जिसके वह हकदार थे।

🇮🇳 राष्ट्रभक्ति और सांस्कृतिक चेतना

प्रधानमंत्री ने आर्य समाज को प्रबल राष्ट्रभक्तों की संस्था बताया। उन्होंने कहा कि यह संस्था हमेशा भारतीयता की बात करती रही है और विदेशी विचारधाराओंविभाजनकारी मानसिकता को चुनौती देती रही है।

  • आर्य समाज ने छुआछूत, ऊंच-नीच और भेदभाव का विरोध किया।
  • यह संस्था सांस्कृतिक प्रदूषण के विरुद्ध भी मुखर रही है।

🌄 भारत की विशेषता और महर्षियों की परंपरा

प्रधानमंत्री ने भारत को युगों-युगों से अमर बताया। उन्होंने कहा कि जब भी समाज को नई दिशा की आवश्यकता होती है, कोई न कोई महान विभूति जन्म लेती है। महर्षि दयानंद सरस्वती भी इसी परंपरा के एक महान ऋषि थे, जिन्होंने समाज को सुधार और आत्मबल की राह दिखाई।