रिलायंस का ए.आई (A.I) इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़ा दांव: 15 अरब डॉलर तक निवेश की योजना

रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) आने वाले वर्षों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इंफ्रास्ट्रक्चर पर 12 से 15 अरब डॉलर तक का निवेश कर सकती है। मॉर्गन स्टेनली की एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, इस निवेश में एक गीगावाट क्षमता वाला विशाल डेटा सेंटर भी शामिल होगा। यह पहल रिलायंस की नई पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडियरी ‘रिलायंस इंटेलिजेंस’ के नेतृत्व में आगे बढ़ेगी, जिसकी घोषणा चेयरमैन मुकेश अंबानी ने अगस्त में की थी।

चार स्तंभों पर आधारित रणनीति

रिलायंस इंटेलिजेंस का फोकस चार प्रमुख क्षेत्रों—इंफ्रास्ट्रक्चर, पार्टनरशिप, सर्विस और टैलेंट—पर होगा। कंपनी का उद्देश्य ऊर्जा, डिजिटल, कंज्यूमर और मीडिया क्षेत्रों में एआई के माध्यम से मूल्यवर्धन करना है।

निवेश संरचना और साझेदारियां

रिपोर्ट के मुताबिक, कुल अनुमानित निवेश का लगभग 25% हिस्सा रिलायंस स्वयं वहन करेगी। इसमें 7 अरब डॉलर डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर और 5 अरब डॉलर 250 मेगावाट की चिप निर्माण क्षमता पर खर्च किए जाएंगे। शेष निवेश हाइपरस्केल क्लाउड प्रदाताओं और बड़े भाषा मॉडल (LLM) कंपनियों के साथ साझेदारी के माध्यम से किया जाएगा।

जामनगर में डेटा सेंटर का पहला चरण सक्रिय

गुजरात के जामनगर में रिलायंस का पहला जेनरेटिव एआई डेटा सेंटर पहले से ही कार्यरत है, जिसकी शुरुआती क्षमता 100 मेगावाट है और अगले दो वर्षों में इसके विस्तार की योजना है।

मेटा और गूगल के साथ रणनीतिक गठजोड़

रिलायंस ने मेटा की सब्सिडियरी फेसबुक ओवरसीज इंक के साथ मिलकर एक संयुक्त उद्यम ‘रिलायंस एंटरप्राइज इंटेलिजेंस लिमिटेड’ की स्थापना की है। इस वेंचर में रिलायंस की 70% और मेटा की 30% हिस्सेदारी होगी। दोनों कंपनियां मिलकर मेटा के ओपन-सोर्स LLaMA मॉडल को रिलायंस के नेटवर्क के साथ जोड़कर भारतीय कंपनियों के लिए एंटरप्राइज एआई समाधान विकसित करेंगी।

साथ ही, रिलायंस गूगल के साथ मिलकर जामनगर में एक समर्पित क्लाउड रीजन स्थापित कर रही है, जो रिलायंस की इंफ्रास्ट्रक्चर क्षमताओं को गूगल की एआई और क्लाउड टेक्नोलॉजी से जोड़ेगा।