गंगा एक्सप्रेसवे: बिजनौर से होकर गुजरेगा गंगा एक्सप्रेसवे , उत्तराखंड सरकार ने यूपीडा के प्रस्ताव को दी मंजूरी
बिजनौर। गंगा एक्सप्रेसवे अब बिजनौर से होकर गुजरने वाला है। उत्तराखंड सरकार के मुख्य सचिव आनंद वर्धन ने उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है। इस निर्णय के बाद अमरोहा से बिजनौर होते हुए यह एक्सप्रेसवे सीधे हरिद्वार तक जाएगा।
प्रस्ताव और मंजूरी की प्रक्रिया
यूपीडा ने पहले मेरठ से हरिद्वार तक गंगा के बाईं ओर एक्सप्रेसवे ले जाने का प्रस्ताव तैयार किया था, लेकिन उसे मंजूरी नहीं मिली। इसके बाद भाकियू अराजनैतिक के युवा प्रदेश अध्यक्ष दिगंबर सिंह ने बिजनौर को गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ने की मांग उठाई। उन्होंने जनप्रतिनिधियों, आम जनता, संस्थाओं और उत्तराखंड के जनप्रतिनिधियों से सहयोग मांगा।
9 अप्रैल को देहरादून सचिवालय में हुई बैठक में 140 किलोमीटर लंबे ग्रीन फील्ड गंगा एक्सप्रेसवे के प्रस्ताव पर सहमति बनी। बैठक में भूमि अधिग्रहण, यूटिलिटी शिफ्टिंग और पर्यावरणीय प्रभाव से जुड़ी मंजूरियों पर विस्तार से चर्चा हुई। जल्द ही इसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने का काम शुरू होगा।
बिजनौर और उत्तराखंड को लाभ
गंगा एक्सप्रेसवे बिजनौर से होकर गुजरने से जिले के विकास को नई दिशा मिलेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बिजनौर के जनमानस की भावनाओं का ध्यान रखते हुए इस प्रस्ताव को आगे बढ़ाया है। स्थानीय लोगों का मानना है कि यह परियोजना बिजनौर को औद्योगिक और आर्थिक दृष्टि से मजबूत बनाएगी।
उत्तराखंड को भी इस एक्सप्रेसवे से सीधा लाभ मिलेगा। हरिद्वार तक सीधी कनेक्टिविटी मिलने से पर्यटन और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा गंगा एक्सप्रेसवे और गोरखपुर एक्सप्रेसवे के किनारे औद्योगिक क्षेत्र (इंडस्ट्रियल एरिया) विकसित किए जाएंगे, जिससे रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
गंगा एक्सप्रेसवे का बिजनौर से होकर गुजरना न केवल जिले के लिए बल्कि उत्तराखंड के लिए भी विकास की नई राह खोलेगा। यह परियोजना क्षेत्रीय कनेक्टिविटी, औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन में अहम भूमिका निभाएगी।







