पश्चिमी यूपी में आज से आंधी-तूफान और बारिश का अलर्ट,
प्रदेश में मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। पश्चिमी विक्षोभ के असर से 7 अप्रैल से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आंधी-तूफान और बारिश का दौर शुरू होने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार, इसका असर मंगलवार शाम से दिखने लगेगा और 8 अप्रैल को पूरे प्रदेश में व्यापक रूप से महसूस किया जाएगा।
तापमान में उतार-चढ़ाव
- आगामी 48 घंटों में अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री की बढ़ोतरी हो सकती है।
- 8 अप्रैल को अचानक 6 से 8 डिग्री तक की गिरावट दर्ज होने की संभावना है।
- इसके बाद फिर से तापमान में क्रमिक बढ़ोतरी देखी जा सकती है।
आंधी-तूफान और बारिश की चेतावनी
- पश्चिमी यूपी के कई जिलों में तेज हवाओं के साथ मेघगर्जन और वज्रपात की संभावना है।
- कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि भी हो सकती है।
- हवा की रफ्तार 40 से 60 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।
सबसे गर्म रहा उरई
सोमवार को जालौन जिले का उरई प्रदेश का सबसे गर्म स्थान रहा, जहां अधिकतम तापमान 37.4 डिग्री दर्ज किया गया। अयोध्या और प्रयागराज में 36 डिग्री, वाराणसी में 35.8 डिग्री और बांदा में 35.6 डिग्री तापमान दर्ज हुआ।
प्रभावित जिलों की सूची
🌨️ ओलावृष्टि की संभावना वाले क्षेत्र
- अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, एटा, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरैया, जालौन
💨 50-60 किमी/घंटा की रफ्तार वाली हवा
- अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, कासगंज, एटा, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरैया, जालौन
💨 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार वाली हवा
- बांदा, फतेहपुर, हरदोई, फर्रुखाबाद, कन्नौज, कानपुर देहात, कानपुर नगर, उन्नाव, सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़, गौतमबुद्ध नगर, बुलंदशहर, बिजनौर, अमरोहा, संभल, बदायूं, हमीरपुर, महोबा, झांसी, ललितपुर
⚡ मेघगर्जन/वज्रपात की संभावना वाले क्षेत्र
- बांदा, फतेहपुर, हरदोई, फर्रुखाबाद, कन्नौज, कानपुर देहात, कानपुर नगर, उन्नाव, रायबरेली, सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़, गौतमबुद्ध नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, कासगंज, एटा, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरैया, बिजनौर, अमरोहा, संभल, बदायूं, जालौन, हमीरपुर, महोबा, झांसी, ललितपुर
पश्चिमी विक्षोभ के चलते उत्तर प्रदेश में मौसम का मिजाज अचानक बदलने वाला है। लोगों को सलाह दी जाती है कि वे मौसम विभाग की चेतावनियों पर ध्यान दें और सुरक्षित स्थानों पर रहें। किसानों को भी फसल की सुरक्षा के लिए सतर्क रहने की आवश्यकता है।









