इजरायल में उत्तर प्रदेश के 6000 से अधिक श्रमिक सुरक्षित, योगी सरकार लगातार संपर्क में

लखनऊ: इजरायल में जारी तनावपूर्ण हालात के बीच उत्तर प्रदेश के 6000 से अधिक श्रमिक पूरी तरह सुरक्षित हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर इन श्रमिकों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। प्रमुख सचिव, श्रम एवं सेवायोजन डॉ. शन्मुगा सुंदरम भारतीय दूतावास के साथ निरंतर संपर्क में हैं और श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर कदम पर निगरानी कर रहे हैं।

भारतीय दूतावास से लगातार अपडेट

भारत के राजदूत जेपी सिंह ने 11, 17 और 28 मार्च को साझा किए गए संदेशों में स्पष्ट किया कि सभी भारतीय श्रमिक, जिनमें उत्तर प्रदेश के श्रमिक भी शामिल हैं, सुरक्षित हैं। उन्होंने बताया कि मौजूदा परिस्थितियों में स्वाभाविक रूप से चिंता का माहौल है, लेकिन किसी भी श्रमिक ने भारत लौटने की विशेष मांग नहीं की है। दूतावास सभी श्रमिकों के साथ संपर्क बनाए हुए है और उनकी जरूरतों का ध्यान रखा जा रहा है।

सामान्य स्थिति में श्रमिक

राजदूत ने यह भी जानकारी दी कि कुछ यूपी के श्रमिकों ने हाल ही में भारत से गए पत्रकारों का आतिथ्य किया, जो इस बात का संकेत है कि स्थिति नियंत्रण में है और श्रमिक सामान्य जीवन जी रहे हैं। भारतीय दूतावास की प्रथम सचिव डॉ. गरिका तेजेश्वर ने भी पुष्टि की कि अब तक किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली है। उन्होंने बताया कि कुछ भारतीय व्यापारी और छात्र स्वेच्छा से वापस लौटे हैं, जिनकी यात्रा में दूतावास ने सहायता की। यदि कोई श्रमिक लौटना चाहता है तो उसके लिए भी यही व्यवस्था उपलब्ध कराई जाएगी।

योगी सरकार की प्राथमिकता

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार इस पूरे मामले पर गंभीरता से नजर बनाए हुए है। प्रमुख सचिव श्रम डॉ. शन्मुगा सुंदरम नियमित रूप से दूतावास से संपर्क कर श्रमिकों की स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं। सरकार का स्पष्ट संदेश है कि किसी भी परिस्थिति में श्रमिक अकेले नहीं हैं और यदि वे घर लौटना चाहेंगे तो उनकी हर संभव मदद की जाएगी।

हेल्पलाइन और कॉल सेंटर सक्रिय

इजरायल की पॉपुलेशन एंड इमिग्रेशन अथॉरिटी द्वारा संचालित कॉल सेंटर भी भारतीय श्रमिकों की सहायता के लिए सक्रिय है। यहां विभिन्न भाषाओं में मदद उपलब्ध कराई जा रही है। मिसाइल हमलों जैसी घटनाओं के बावजूद भारतीय श्रमिकों की स्थिति सामान्य बनी हुई है। सरकार और दूतावास मिलकर हर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।