दो माह बाद हटी सेवा समिति भूमि की तारबंदी, उठे सवाल
- प्रशासन की पूर्व कार्रवाई पर उठे सवाल, किसी के दबाब मे तो नही हुई तारबंदी
स्योहारा। जुमरात बाजार स्थित विवादित सेवा समिति की भूमि पर प्रशासन द्वारा कराई गई तारबंदी दो माह बाद हटा दी गई। तारबंदी हटने के बाद लोगों ने चर्चाएं शुरू कर दी कि कौन सही कौन गलत है ।
नगर के जुमरात बाजार में सेवा समिति की भूमि को लेकर चल रहा विवाद एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। करीब दो माह पूर्व 24 जनवरी को प्रशासन ने इस भूमि को सरकारी संपत्ति मानते हुए उसकी तारबंदी कर नगर पालिका के संरक्षण में दे दिया था। लेकिन अब उक्त तारबंदी को हटा दिया गया है, जिससे पूरे मामले पर नए सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, अचानक तारबंदी हटाए जाने से यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है कि भूमि की वर्तमान स्थिति क्या है और इसका स्वामित्व किसके पास रहेगा। कुछ लोगों का कहना है कि प्रशासन की पहले की सख्ती के बाद अब इस तरह की ढील कही किसी के दबाब मे आकर तो ये कार्यवाही नही हुई थी । नगर पालिका के अधिकारियों का कहना है कि तारबंदी हटाने की कार्रवाई उच्चाधिकारियों के निर्देशों के तहत की गई है।






