भारत में CCTV कैमरों पर नए नियम: 1 अप्रैल से कई चीनी ब्रांड्स की बिक्री पर रोक संभव
भारत में CCTV कैमरों को लेकर सुरक्षा चिंताओं के चलते सरकार ने नए नियम और गाइडलाइंस लागू कर दिए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक 1 अप्रैल से हिकविजन (Hikvision), दहुआ (Dahua) और टीपी-लिंक (TP-Link) जैसे कई चीनी ब्रांड्स की कुछ डिवाइसेज की बिक्री पर रोक लग सकती है।
हाल ही में सामने आई एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि घर और दफ्तरों में लगे CCTV कैमरों से रिकॉर्ड किया गया डेटा पाकिस्तान भेजा जा रहा था, जिनमें मुख्य रूप से चीनी कंपोनेंट्स शामिल थे। इसी वजह से सुरक्षा एजेंसियों ने इन डिवाइसेज पर सवाल उठाए हैं।
🔒 अनिवार्य सर्टिफिकेशन प्रोसेस
नए नियमों के तहत भारत में बेचे जाने वाले हर CCTV कैमरे को अनिवार्य सर्टिफिकेशन प्रोसेस से गुजरना होगा।
- हर डिवाइस के हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर की डिटेल सरकार को देनी होगी।
- कैमरे में लगे चिप, फर्मवेयर और सोर्स की जानकारी साझा करनी होगी।
- किसी भी CCTV में बैकडोर नहीं होना चाहिए, ताकि डेटा देश से बाहर न जा सके।
- सरकार द्वारा मान्यताप्राप्त लैब्स में टेस्टिंग के बाद ही बिक्री की अनुमति मिलेगी।
🏭 मैन्यूफैक्चरर्स पर असर
नियम लागू होने के बाद CCTV कंपनियों को इन बिंदुओं पर ध्यान देना होगा:
- कंपोनेंट्स के ओरिजिनल देश की साफ जानकारी देना।
- सुरक्षा खामियों की जांच सुनिश्चित करना।
- अनऑथराइज्ड रिमोट एक्सेस रोकने के उपाय करना।
अगर कोई प्रोडक्ट इन मानकों को पूरा नहीं करता है तो उसे सर्टिफिकेशन नहीं मिलेगा और उसकी बिक्री पर रोक लग जाएगी।
सिर्फ चीनी ब्रांड्स क्यों प्रभावित
चीनी ब्रांड्स पर असर इसलिए ज्यादा दिख रहा है क्योंकि इनके ज्यादातर कंपोनेंट्स चीन से आते हैं। खासकर चीनी चिपसेट पर निर्भरता के कारण इन्हें सर्टिफिकेशन हासिल करने में कठिनाई हो रही है। सप्लाई चेन से जुड़ी चिंताओं की वजह से कई कंपनियां अप्रूवल पाने में नाकाम हो रही हैं।
👥 आम ग्राहकों के लिए बदलाव
ग्राहकों के लिए इसका मतलब है कि बाजार में CCTV कैमरों के विकल्प बदल जाएंगे।
- लोकल स्तर पर बने कैमरों की संख्या बढ़ेगी।
- डेटा सुरक्षा और प्राइवेसी पर ज्यादा ध्यान मिलेगा।
- CP Plus, Qubo, Prama जैसे भारतीय ब्रांड्स पहले से ही नॉन-चीनी कंपोनेंट्स का इस्तेमाल कर रहे हैं और अपना विस्तार कर रहे हैं।
भारत सरकार का यह कदम राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है। CCTV बाजार में यह बदलाव न केवल विदेशी ब्रांड्स की निर्भरता कम करेगा बल्कि घरेलू कंपनियों को भी मजबूत बनाएगा। आने वाले समय में ग्राहकों को ज्यादा सुरक्षित और लोकल स्तर पर बने CCTV कैमरे उपलब्ध होंगे।
image source – aajtak








