“विचार” बाबू जी स्पेशल – सोमेश्वर दत्त शर्मा

हमने किताबों में पढ़ा था और विद्वानों से सुना था कि कुशल पत्रकार – साहित्यकार वह होता है जो मन के भावों को, विचारों को शब्दों के रंगों से कलम के ब्रश से सजा कर कुशल चित्रकार की तरह बोलती तस्वीर बना देता है।
परम आदरणीय बाबू सिंह चौहान ( बाबू जी ) के लेखों निबंधों में इसी सत्य के दर्शन होते हैं ।
श्रद्धेय बाबू जी की पावन स्मृतियों को शत शत नमन ।


— सोमेश्वर दत्त शर्मा