दिल्ली-एनसीआर को मिला दूसरा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट, उद्घाटन 28 मार्च को, पीएम मोदी करेंगे एयरपोर्ट का लोकार्पण
दिल्ली के पास जेवर में स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन 28 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। यह एयरपोर्ट दिल्ली-एनसीआर के लिए दूसरा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा होगा और इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का पूरक बनकर काम करेगा। दोनों मिलकर एकीकृत विमानन प्रणाली तैयार करेंगे, जिससे भीड़भाड़ कम होगी और NCR दुनिया के अग्रणी एविएशन हब्स में अपनी जगह बना पाएगा।
🌍 कनेक्टिविटी और क्षमता
- एयरपोर्ट NCR, ग्रेटर दिल्ली क्षेत्र और पश्चिमी उत्तर प्रदेश को भारत और दुनिया के प्रमुख शहरों से जोड़ेगा।
- पहले चरण में यात्री क्षमता 12 मिलियन प्रति वर्ष (MPPA) होगी, जिसे पूर्ण विकास के बाद 70 MPPA तक बढ़ाया जाएगा।
- एयरपोर्ट में 3,900 मीटर लंबा रनवे है, जो बड़े आकार के विमानों को संभालने में सक्षम है।
📦 कार्गो और लॉजिस्टिक्स
- एयरपोर्ट में एक मजबूत कार्गो इकोसिस्टम विकसित किया गया है।
- इसमें मल्टी-मॉडल कार्गो हब, एकीकृत कार्गो टर्मिनल और लॉजिस्टिक्स ज़ोन शामिल हैं।
- शुरुआती क्षमता 2.5 लाख मीट्रिक टन माल प्रति वर्ष होगी, जिसे बढ़ाकर 18 लाख मीट्रिक टन तक किया जा सकेगा।
- 40 एकड़ में फैली MRO (Maintenance, Repair, Overhaul) सुविधा भी मौजूद है।
🌱 पर्यावरण और डिज़ाइन
- एयरपोर्ट को ‘नेट-ज़ीरो उत्सर्जन’ सुविधा के रूप में संचालित करने का लक्ष्य है।
- इसमें ऊर्जा-कुशल प्रणालियाँ और पर्यावरण-अनुकूल प्रथाएँ अपनाई गई हैं।
- वास्तुशिल्प डिज़ाइन भारतीय विरासत से प्रेरित है, जिसमें पारंपरिक घाटों और हवेलियों की झलक मिलती है।
🚉 मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट हब
- एयरपोर्ट को सड़क, रेल, मेट्रो और क्षेत्रीय ट्रांज़िट सिस्टम से जोड़ा गया है।
- यात्रियों और कार्गो के लिए सहज और कुशल कनेक्टिविटी सुनिश्चित की गई है।
💰 निवेश और विकास
- पहला चरण पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत विकसित किया गया है।
- कुल निवेश लगभग ₹11,200 करोड़ है।






