ईरान युद्ध का असर: बिजनौर में एलपीजी सिलेंडरों की होने लगी किल्लत, नए नियमों से उपभोक्ताओं पर बोझ, 25 दिन बाद ही मिलेगा सिलेंडर
ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच चल रहे युद्ध का सीधा असर भारत में पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति पर पड़ने लगा है। समुद्री मार्ग से आने वाले मालवाहक जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने के कारण बिजनौर जिले में एलपीजी सिलेंडरों की कमी महसूस की जा रही है।
सिलेंडर आपूर्ति पर नए नियम
- घरेलू उपभोक्ताओं को अब 25 दिन के अंतराल पर ही सिलेंडर उपलब्ध कराया जा रहा है।
- सरकार ने यह नियम लागू किया है कि एक उपभोक्ता को वित्तीय वर्ष में अधिकतम 12 सिलेंडर ही मिलेंगे।
- सिलेंडर प्राप्त करने के लिए ओटीपी सत्यापन अनिवार्य कर दिया गया है।
कमर्शियल सिलेंडरों की स्थिति
- जिले में कमर्शियल सिलेंडरों की डिलीवरी कई दिनों से बंद है।
- होटल, ढाबा और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान सबसे अधिक प्रभावित हैं क्योंकि उनकी खपत घरेलू परिवारों की तुलना में कहीं अधिक होती है।
उपभोक्ताओं की परेशानी
- जिन परिवारों की मासिक खपत दो से अधिक सिलेंडर है, उन्हें नए नियमों के कारण कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।
- हालांकि अभी तक गैस एजेंसियों पर लंबी कतारें नहीं लगी हैं, लेकिन सिलेंडरों की संख्या घटने से भविष्य में संकट गहराने की आशंका है।
कंपनियों की आपूर्ति में कमी
- पहले एक गाड़ी में 350 से 550 सिलेंडर तक आते थे, लेकिन अब कंपनियां एजेंसियों को कम संख्या में सिलेंडर भेज रही हैं।
- गाड़ियों की आवक भी घट रही है, जिससे एजेंसियों पर दबाव बढ़ रहा है।
जिले का परिदृश्य
- बिजनौर जिले में लगभग 70 गैस एजेंसियां कार्यरत हैं।
- करीब 8 लाख उपभोक्ता एलपीजी कनेक्शन से जुड़े हैं।
- नए नियमों के अनुसार हर उपभोक्ता को 25 दिन बाद ही अगला सिलेंडर मिलेगा।
प्रशासन और एजेंसियों का पक्ष
गैस एजेंसी संचालकों का कहना है कि वे शासन के नियमों के अनुसार ही सिलेंडर वितरित कर रहे हैं। अभी तक निर्बाध आपूर्ति जारी है, लेकिन यदि उपभोक्ता नियमों का पालन नहीं करेंगे तो समस्या बढ़ सकती है।






