सरकार ने घरेलू गैस संकट से निपटने के लिए ESMA लागू किया

ईरान–इजरायल (अमेरिका) संघर्ष के बाद वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता बढ़ गई है। एलपीजी और प्राकृतिक गैस की सप्लाई प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए भारत सरकार ने Essential Services Maintenance Act (ESMA) लागू करने का निर्णय लिया है। इस कदम का उद्देश्य घरेलू गैस आपूर्ति को प्राथमिकता देना और उन क्षेत्रों में ईंधन की उपलब्धता सुनिश्चित करना है, जिनकी सेवाओं में रुकावट आने से आम जनता की दैनिक जिंदगी पर सीधा असर पड़ सकता है।

ESMA क्या है?

Essential Services Maintenance Act (ESMA) भारत की संसद द्वारा वर्ष 1968 में पारित किया गया कानून है। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि आवश्यक सेवाएं बिना किसी बाधा के जारी रहें। इस कानून के तहत:

  • आवश्यक सेवाओं से जुड़े कर्मचारी हड़ताल नहीं कर सकते।
  • सरकार उन्हें काम पर लौटने का निर्देश दे सकती है।
  • कर्मचारी बंद या कर्फ्यू का हवाला देकर भी काम से इंकार नहीं कर सकते।

यानी, जब भी देश में संकट की स्थिति उत्पन्न होती है, सरकार ESMA लागू कर आवश्यक सेवाओं की निरंतरता बनाए रखती है।

2026 का प्राकृतिक गैस सप्लाई रेगुलेशन आदेश

केंद्र सरकार ने 2026 में प्राकृतिक गैस (सप्लाई रेगुलेशन) आदेश जारी किया। यह आदेश राजपत्र में प्रकाशित होने के साथ ही प्रभावी हो गया। इसके तहत गैस आपूर्ति को चार प्राथमिकता वाले सेक्टर्स में बांटा गया है।

प्राथमिकता सेक्टर 1

  • घरेलू पाइप्ड प्राकृतिक गैस (PNG)
  • परिवहन के लिए संपीड़ित प्राकृतिक गैस (CNG)
  • एलपीजी उत्पादन और एलपीजी की आवश्यकता
  • पाइपलाइन कम्प्रेसर ईंधन और अन्य आवश्यक पाइपलाइन संचालन

इन सेक्टरों को उनके पिछले छह महीने की औसत खपत के 100% तक गैस उपलब्ध कराई जाएगी।

प्राथमिकता सेक्टर 2

  • उर्वरक प्लांट्स को उनकी औसत खपत का 70% गैस दी जाएगी।
  • यह गैस केवल उर्वरक उत्पादन के लिए इस्तेमाल होगी।
  • प्लांट्स को इसका प्रमाण पेट्रोलियम योजना और विश्लेषण प्रकोष्ठ (PPAC) को देना होगा।
  • किसी यूनिट को आवंटित गैस को दूसरी यूनिट में स्थानांतरित नहीं किया जा सकेगा।

प्राथमिकता सेक्टर 3

  • राष्ट्रीय गैस ग्रिड के माध्यम से चाय उद्योग, मैन्युफैक्चरिंग और अन्य औद्योगिक उपभोक्ताओं को उनकी औसत खपत का 80% गैस दी जाएगी।
  • इस सेक्टर के लिए गैस आवंटन के नियम PPAC और इंडस्ट्री कमेटी के समन्वय से तय होंगे।

प्राथमिकता सेक्टर 4

  • सभी सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) नेटवर्क के माध्यम से औद्योगिक और व्यावसायिक उपभोक्ताओं को उनकी औसत खपत का 80% गैस दी जाएगी।
  • नियमों का निर्धारण भी PPAC और इंडस्ट्री कमेटी के सहयोग से होगा।

गैस का पुनर्वितरण

जरूरी सेक्टरों की मांग पूरी करने के लिए अन्य क्षेत्रों में गैस आपूर्ति घटाई जा सकती है।

  • पेट्रोकेमिकल यूनिट्स और पावर प्लांट्स की सप्लाई कम की जा सकती है।
  • तेल शोधन कंपनियों को उनकी औसत खपत का लगभग 65% गैस दी जाएगी।

सरकार का उद्देश्य

इस निर्णय का मुख्य लक्ष्य है:

  • घरेलू उपभोक्ताओं को गैस की निर्बाध आपूर्ति।
  • परिवहन और एलपीजी उत्पादन जैसे आवश्यक क्षेत्रों को प्राथमिकता।
  • उर्वरक उत्पादन में बाधा न आए ताकि कृषि क्षेत्र प्रभावित न हो।
  • औद्योगिक और व्यावसायिक उपभोक्ताओं को संतुलित आपूर्ति।

ईरान युद्ध के बाद वैश्विक ऊर्जा संकट ने भारत को भी प्रभावित किया है। ऐसे समय में ESMA का लागू होना और गैस सप्लाई रेगुलेशन आदेश जारी करना सरकार की रणनीतिक तैयारी को दर्शाता है। यह कदम न केवल घरेलू उपभोक्ताओं को राहत देगा बल्कि कृषि और औद्योगिक उत्पादन को भी स्थिर बनाए रखने में मदद करेगा।