बिजनौर में अवैध हथियार गिरोह का भंडाफोड़

बिजनौर पुलिस ने एक बड़े अभियान में अवैध हथियार बनाने और बेचने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में गिरोह के सरगना आरिफ समेत आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने इनके पास से छह पिस्टल, 11 तमंचे, कारतूस और हथियार बनाने के औजार बरामद किए।

गिरोह का सरगना आरिफ

मुख्य आरोपी आरिफ अमरोहा के नौगांवा इलाके का निवासी है। वह लंबे समय से घर पर ही पिस्टल और तमंचे बनाने का काम करता था। पुलिस के अनुसार, आरिफ पहले भी कई बार जेल जा चुका है और उसका आपराधिक इतिहास काफी पुराना है। उसके साथ गिरफ्तार किए गए अन्य आरोपितों में ललित कुमार, सीवांत चौधरी, विनीत, नबील, शमीम उर्फ माइकल उर्फ मुन्ना, शादमान और जुल्फिकार शामिल हैं।

राजकुमार हत्याकांड से जुड़ा सुराग

पुलिस की जांच में यह भी सामने आया कि आरिफ का नाम हाल ही में हुए राजकुमार हत्याकांड से जुड़ा है। राजकुमार, जो शिवालय हेल्थ केयर सेंटर का संचालक था, की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में शूटर विकास उर्फ छोटू, डॉक्टर नीरज और हथियार सप्लाई करने वाले राजन को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका था। जांच में पता चला कि विकास ने राजन से सात हजार रुपये में तमंचा खरीदा था। राजन ने पुलिस को बताया कि वह आरिफ से हथियार खरीदता है और आगे बेचता है।

खरीदार भी गिरफ्तार

पुलिस ने गिरोह के साथ-साथ उन लोगों को भी पकड़ा है जो आरिफ से हथियार खरीदते थे। राजन ने स्वीकार किया था कि उसने माइकल, नबील और विनीत को भी पिस्टल और तमंचे बेचे थे। इस खुलासे के बाद पुलिस ने खरीदारों को भी गिरफ्तार कर लिया।

आरोपितों पर दर्ज मामले

गिरफ्तार किए गए आरोपितों पर पहले से कई मामले दर्ज हैं। ललित पर चार और नबील पर तीन केस दर्ज हैं। पुलिस का कहना है कि यह गिरोह लंबे समय से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सक्रिय था और स्थानीय अपराधियों को हथियार उपलब्ध कराता था।

पुलिस की कार्रवाई

एएसपी देहात प्रकाश कुमार ने बताया कि यह कार्रवाई संगठित अपराध पर रोक लगाने के लिए की गई है। सभी आठों आरोपितों को जेल भेज दिया गया है। पुलिस का मानना है कि इस गिरोह के पकड़े जाने से क्षेत्र में अवैध हथियारों की आपूर्ति पर बड़ा असर पड़ेगा।