इज़रायल-ईरान तनाव के बीच भारतीयों के लिए नई दिल्ली की एडवाइजरी

हालात बेहद गंभीर

मध्य-पूर्व में हालात अचानक बिगड़ गए हैं। इज़रायल और अमेरिका ने मिलकर ईरान पर बड़े पैमाने पर हमला किया है। तेहरान समेत ईरान के कई अहम ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गईं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक साथ 30 जगहों पर मिसाइलें बरसाई गईं, जिनमें ईरान के कई सैन्य ठिकाने और परमाणु प्रतिष्ठान शामिल हैं। इस हमले में ईरान के कई वरिष्ठ कमांडर मारे गए हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को सुरक्षित स्थान पर भेज दिया गया है।

भारत की चेतावनी

तनावपूर्ण हालात को देखते हुए भारत सरकार ने इज़रायल में रह रहे भारतीय नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है। नई दिल्ली ने कहा है कि सभी भारतीय नागरिक अत्यधिक सावधानी बरतें और हर समय सतर्क रहें।

एडवाइजरी में स्पष्ट किया गया है कि भारतीय नागरिकों को इज़रायली अधिकारियों और “होम फ्रंट कमांड” द्वारा जारी सुरक्षा दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन करना चाहिए। भारत ने अपने नागरिकों को भीड़-भाड़ वाले इलाकों से बचने और अनावश्यक यात्रा से परहेज़ करने की सलाह दी है।

ईरान का पलटवार का संकेत

ईरान ने इस हमले को अपनी संप्रभुता पर सीधा हमला बताया है और कहा है कि वह अब तक का सबसे घातक पलटवार करेगा। इसका मतलब है कि आने वाले दिनों में इज़रायल पर ईरान की ओर से बड़े हमले हो सकते हैं। ईरान की सेना ने संकेत दिया है कि वह इज़रायल के अहम ठिकानों को निशाना बना सकती है।

अमेरिका का रुख

हमले के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि या तो खामेनेई हथियार डालें या फिर मौत का सामना करें। ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका और इज़रायल का मकसद ईरान में सत्ता परिवर्तन करना है।

ट्रंप ने दावा किया कि ईरान के परमाणु ठिकानों को निशाना बनाकर उसे भारी नुकसान पहुँचाया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि यह ऑपरेशन अभी जारी रहेगा और तब तक चलेगा जब तक “खतरा पूरी तरह खत्म” नहीं हो जाता।

इज़रायल का ऑपरेशन “शील्ड ऑफ जुदाह”

इज़रायल ने इस सैन्य कार्रवाई को “शील्ड ऑफ जुदाह” नाम दिया है। इज़रायली सेना का कहना है कि यह ऑपरेशन ईरान की सैन्य क्षमता को कमजोर करने के लिए है। इज़रायल और अमेरिका ने संकेत दिए हैं कि आगे भी हमले जारी रह सकते हैं।

वैश्विक चिंता

इस घटनाक्रम ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। संयुक्त राष्ट्र और कई यूरोपीय देशों ने स्थिति पर चिंता जताई है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर ईरान पलटवार करता है तो यह संघर्ष और भी व्यापक हो सकता है, जिससे पूरे मध्य-पूर्व में अस्थिरता फैल सकती है।

भारतीयों के लिए संदेश

भारत सरकार की एडवाइजरी का मकसद अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इज़रायल में रह रहे भारतीयों को चाहिए कि वे स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और किसी भी तरह की अफवाहों से बचें। मौजूदा हालात को देखते हुए सतर्क रहना ही सबसे सुरक्षित विकल्प है।

इज़रायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने मध्य-पूर्व को एक बार फिर युद्ध की दहलीज पर ला खड़ा किया है। भारत ने समय रहते अपने नागरिकों को चेतावनी देकर सुरक्षा पर जोर दिया है। आने वाले दिनों में हालात किस दिशा में जाएंगे, यह ईरान की प्रतिक्रिया और अमेरिका-इज़रायल की आगे की रणनीति पर निर्भर करेगा।