बिजनौर से होकर गुजरेगा गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे, 2028 तक पूरा होगा निर्माण, स‍िक्‍सलेन एक्सप्रेसवे होगा

गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे: 700 किमी लंबा छह लेन मार्ग, भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू, एक्सप्रेसवे पर बनेगा 2,750 मीटर लंबा गंगा पुल, विकास को मिलेगी नई रफ्तार

उत्तर प्रदेश सरकार ने गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे परियोजना को धरातल पर उतारने की दिशा में ठोस कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की महत्वाकांक्षी योजनाओं में शामिल यह एक्सप्रेसवे प्रदेश के विकास का नया द्वार खोलेगा। लगभग 700 किलोमीटर लंबा यह मार्ग छह लेन का होगा और इसके निर्माण पर करीब 35 हजार करोड़ रुपये की लागत आएगी। परियोजना को वर्ष 2028-29 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

मार्ग और प्रमुख जिलों का कवरेज

गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे का मार्ग प्रदेश के कई महत्वपूर्ण जिलों से होकर गुजरेगा। यह मुरादाबाद से नूरपुर, नहटौर, किरतपुर और मंडावर होते हुए बिजनौर जिले में प्रवेश करेगा। मंडावर क्षेत्र के ग्राम रामजीवाला के सामने गंगा नदी पर लगभग 2,750 मीटर लंबा पुल बनाया जाएगा, जो इस एक्सप्रेसवे की सबसे बड़ी इंजीनियरिंग उपलब्धियों में से एक होगा। इसके बाद यह मार्ग मुजफ्फरनगर, अमरोहा, सहारनपुर, शामली, रामपुर, बरेली, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, सीतापुर, लखनऊ, बहराइच, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर, संतकबीरनगर और अंततः गोरखपुर तक पहुंचेगा।

भूमि अधिग्रहण की तैयारी

परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। जिन गांवों से होकर एक्सप्रेसवे निकलेगा, उनकी सूची तैयार कर ली गई है। संबंधित विभागों को गाटा संख्या उपलब्ध कराने और अधिग्रहण से जुड़ी औपचारिकताओं को पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। जिलाधिकारी बिजनौर जसजीत कौर ने बताया कि भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूर्ण होते ही आगे की कार्रवाई तेजी से शुरू कर दी जाएगी।

विकास की संभावनाएं

इस एक्सप्रेसवे के निर्माण से जनपदों में चहुंमुखी विकास की संभावनाएं बढ़ेंगी।

  • यातायात सुविधा: अक्सर जाम की समस्या से जूझने वाले शहरों को राहत मिलेगी।
  • उद्योग और व्यापार: बेहतर कनेक्टिविटी के कारण नए उद्योग स्थापित होंगे और व्यापारिक गतिविधियों में वृद्धि होगी।
  • रोजगार: निर्माण कार्य और उद्योगों के विस्तार से रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
  • कनेक्टिविटी: यह एक्सप्रेसवे गंगा एक्सप्रेसवे, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, लखनऊ-गोरखपुर एक्सप्रेसवे, अंबाला-शामली एक्सप्रेसवे और दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे से जुड़कर प्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत परिवहन नेटवर्क प्रदान करेगा।

गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे न केवल उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों को जोड़ने का काम करेगा, बल्कि यह पड़ोसी राज्यों के साथ भी संपर्क को आसान बनाएगा। पूर्वांचल से लेकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक का सफर तेज और सुगम होगा। इससे न केवल स्थानीय लोगों को लाभ मिलेगा बल्कि व्यापारियों, पर्यटकों और निवेशकों के लिए भी यह मार्ग अत्यंत उपयोगी साबित होगा।

गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे परियोजना उत्तर प्रदेश के बुनियादी ढांचे को नई ऊंचाई देने वाली है। छह लेन का यह विशाल मार्ग प्रदेश के विकास की रफ्तार को तेज करेगा। भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण कार्य शुरू होगा और निर्धारित समय सीमा के भीतर इसे पूरा करने का लक्ष्य है। यह परियोजना न केवल यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करेगी बल्कि रोजगार, उद्योग और व्यापार के नए अवसर भी प्रदान करेगी।