उत्तराखंड चार धाम यात्रा रजिस्ट्रेशन में बदलाव, अब श्रद्धालुओं को देनी होगी फीस
उत्तराखंड सरकार ने चार धाम यात्रा के ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। अब श्रद्धालुओं को रजिस्ट्रेशन के लिए शुल्क देना होगा। इस कदम का उद्देश्य फर्जी रजिस्ट्रेशन पर रोक लगाना और व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाना है।
फीस निर्धारण
- गढ़वाल डिवीजन के एडिशनल कमिश्नर की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई गई है।
- कमेटी ने सुझाव दिया है कि न्यूनतम 10 रुपये शुल्क लिया जाए।
- अंतिम शुल्क सरकार की मंजूरी के बाद तय होगा।
चार धाम यात्रा का महत्व
- उत्तराखंड को देवभूमि कहा जाता है और यहां अनगिनत धार्मिक स्थल हैं।
- सबसे प्रमुख यात्रा है चार धाम यात्रा, जिसमें शामिल हैं:
- यमुनोत्री – देवी यमुना को समर्पित
- गंगोत्री – देवी गंगा को समर्पित
- केदारनाथ – भगवान शिव को समर्पित
- बद्रीनाथ – भगवान विष्णु को समर्पित
यात्रा का समय
- मंदिर हर साल लगभग छह महीने के लिए खुले रहते हैं।
- अप्रैल–मई में खुलते हैं और अक्टूबर–नवंबर में बंद हो जाते हैं।
यात्रा का क्रम
- परंपरा के अनुसार यात्रा घड़ी की दिशा में पूरी की जाती है।
- क्रम: यमुनोत्री → गंगोत्री → केदारनाथ → बद्रीनाथ।
कठिनाई और अनुभव
- यह यात्रा दिव्य होने के साथ-साथ कठिन भी है।
- ऊंचाई, मौसम और मार्ग की चुनौतियों के बावजूद यह आत्मा को शांति और तृप्ति प्रदान करती है।
- कुछ श्रद्धालु केवल दो धाम यात्रा (केदारनाथ और बद्रीनाथ) भी करते हैं।






