सोना-चांदी की कीमतों में भारी गिरावट: निवेशकों के लिए बड़ा संकेत
भारत में सोने और चांदी की कीमतों में इस समय ऐतिहासिक उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। जनवरी 2026 में दोनों धातुएं अपने लाइफटाइम हाई पर पहुंच गई थीं, लेकिन उसके बाद से लगातार गिरावट का सिलसिला जारी है। निवेशकों और व्यापारियों के लिए यह स्थिति काफी अहम है क्योंकि यह न केवल घरेलू बाजार बल्कि अंतरराष्ट्रीय आर्थिक परिस्थितियों का भी संकेत देती है।
चांदी की कीमतों में रिकॉर्ड गिरावट
- 29 जनवरी 2026 को MCX पर चांदी का भाव ₹4,20,048 प्रति किलोग्राम के उच्चतम स्तर पर पहुंचा था।
- मंगलवार, 17 फरवरी को चांदी की कीमत ₹4,685 की गिरावट के साथ ₹2,35,206 प्रति किलोग्राम पर आ गई।
- यानी, अपने लाइफटाइम हाई से चांदी अब तक ₹1,80,157 सस्ती हो चुकी है।
- दिल्ली सर्राफा बाजार में भी चांदी का भाव 16 फरवरी को ₹2,55,000 प्रति किलोग्राम दर्ज किया गया, जो इसके ऑल टाइम हाई से ₹1,49,500 कम है।
सोने की कीमतों में भी तेज गिरावट
- 29 जनवरी को सोना MCX पर ₹1,93,096 प्रति 10 ग्राम के ऑल टाइम हाई पर पहुंचा था।
- मंगलवार को सोने का भाव ₹1,210 की गिरावट के साथ ₹1,53,550 प्रति 10 ग्राम पर आ गया।
- यानी, अपने उच्चतम स्तर से सोना अब तक ₹38,336 सस्ता हो चुका है।
- दिल्ली सर्राफा बाजार में 16 फरवरी को सोने का भाव ₹1,59,200 प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया, जो इसके लाइफटाइम हाई से ₹23,800 कम है।
गिरावट के पीछे संभावित कारण
- अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव: डॉलर की मजबूती और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी से कीमती धातुओं पर दबाव पड़ा है।
- निवेशकों का रुख: जनवरी में रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के बाद निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी।
- आर्थिक संकेतक: महंगाई दर और ब्याज दरों में बदलाव भी सोने-चांदी की कीमतों को प्रभावित कर रहे हैं।
- जियोपॉलिटिकल फैक्टर: वैश्विक अस्थिरता और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर भी कीमती धातुओं पर पड़ता है।
निवेशकों के लिए संकेत
- सोना और चांदी दोनों ही सुरक्षित निवेश माने जाते हैं, लेकिन मौजूदा गिरावट यह दिखाती है कि शॉर्ट-टर्म निवेशकों को सतर्क रहना चाहिए।
- लॉन्ग-टर्म निवेशकों के लिए यह गिरावट खरीदारी का अवसर भी हो सकती है, क्योंकि कीमतें अपने उच्चतम स्तर से काफी नीचे आ चुकी हैं।
- विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले महीनों में कीमतों में स्थिरता आ सकती है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय आर्थिक परिस्थितियों पर नजर रखना जरूरी है।
सोने और चांदी की कीमतों में जनवरी से अब तक आई भारी गिरावट निवेशकों के लिए एक बड़ा संकेत है। जहां चांदी अपने लाइफटाइम हाई से लगभग ₹1.80 लाख रुपये सस्ती हो चुकी है, वहीं सोना भी ₹38,000 रुपये से ज्यादा गिर चुका है। यह उतार-चढ़ाव बताता है कि कीमती धातुओं में निवेश करते समय केवल भावनाओं पर नहीं, बल्कि ठोस आर्थिक विश्लेषण पर भरोसा करना चाहिए।






