Budget 2026: बड़े तोहफों के साथ ‘विकसित भारत’ का संकल्प

नई दिल्ली, 1 फरवरी 2026 – वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में अपना रिकॉर्ड नवां केंद्रीय बजट पेश करते हुए देश के सामने एक व्यापक विकास दृष्टि रखी। इस बजट में करदाताओं को राहत देने के साथ‑साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, पर्यावरण, खेल और बुनियादी ढांचे में बड़े निवेश की घोषणाएं की गईं। बजट 2026 को सरकार ने ‘विकसित भारत’ की दिशा में एक निर्णायक कदम बताया है।


आयकर और करदाताओं के लिए राहत

  • मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल से मिलने वाले ब्याज पर अब कोई आयकर नहीं लगेगा। साथ ही इस पर लागू होने वाला TDS भी समाप्त कर दिया गया है।
  • छोटे करदाताओं के लिए लोअर या निल डिडक्शन सर्टिफिकेट पाने की प्रक्रिया अब पूरी तरह स्वचालित और नियम‑आधारित होगी। इसके लिए निर्धारण अधिकारी के पास आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होगी।
  • निवेशकों की सुविधा के लिए डिपॉजिटरी अब सीधे फॉर्म 15G और 15H स्वीकार कर संबंधित कंपनियों को उपलब्ध करा सकेंगी।
  • विदेशी टूर पैकेज पर TCS की दर घटाकर 2% कर दी गई है। शिक्षा और चिकित्सा उद्देश्यों के लिए भी LRS के तहत TCS दर 5% से घटाकर 2% कर दी गई है।

ये कदम करदाताओं के बोझ को कम करने और अनुपालन को सरल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।


शिक्षा और उच्च शिक्षा में निवेश

वित्त मंत्री ने शिक्षा क्षेत्र को बजट का केंद्रीय स्तंभ बताया। उन्होंने कहा कि हर जिले में एक गर्ल्स हॉस्टल बनाया जाएगा ताकि बेटियों को सुरक्षित और सुलभ शिक्षा मिल सके।

  • नए विश्वविद्यालय टाउनशिप विकसित किए जाएंगे।
  • उच्च शिक्षा संस्थानों में टेलीस्कोप इंफ्रास्ट्रक्चर और अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं स्थापित होंगी।
  • शिक्षा से रोजगार और उद्यमिता को जोड़ने के लिए एक हाई‑पावर कमेटी बनाई जाएगी।

सरकार का लक्ष्य है कि शिक्षा केवल डिग्री तक सीमित न रहे, बल्कि रोजगार और उद्यमिता के अवसरों से सीधे जुड़ सके।


स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़े ऐलान

  • देश को तीन नए AIIMS मिलेंगे।
  • साथ ही तीन नए आयुर्वेदिक अस्पताल भी एम्स की तर्ज पर बनाए जाएंगे।
  • भारत को मेडिकल टूरिज्म हब बनाने पर जोर रहेगा।

इन घोषणाओं से स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और पहुंच दोनों में सुधार होगा। मेडिकल टूरिज्म से विदेशी निवेश और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।


किसानों और कृषि क्षेत्र के लिए ‘भारत विस्तार’ AI सिस्टम

किसानों की जानकारी तक पहुंच आसान बनाने के लिए वित्त मंत्री ने ‘भारत विस्तार’ नामक मल्टीलिंगुअल AI सिस्टम लॉन्च करने की घोषणा की।

  • यह सिस्टम एग्री‑स्टैक पोर्टल्स और ICAR के कृषि प्रैक्टिस पैकेज को जोड़कर किसानों को वास्तविक समय में जानकारी देगा।
  • किसानों को फसल प्रबंधन, मौसम पूर्वानुमान और बाजार भाव जैसी सूचनाएं आसानी से उपलब्ध होंगी।

यह कदम कृषि क्षेत्र में डिजिटल क्रांति लाने वाला साबित हो सकता है।


पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास

वित्त मंत्री ने पर्यावरणीय संतुलन को बजट का अहम हिस्सा बनाया।

  • हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू‑कश्मीर में सस्टेनेबल माउंटेन ट्रेल्स विकसित किए जाएंगे।
  • ईस्टर्न घाट्स की अरकू वैली और वेस्टर्न घाट्स में भी ऐसे ट्रेल्स बनाए जाएंगे।
  • ओडिशा, कर्नाटक और केरल में प्रमुख नेस्टिंग साइट्स पर टर्टल ट्रेल्स विकसित किए जाएंगे।

इन पहलों से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और पर्यावरण संरक्षण को नई दिशा मिलेगी।


ऊर्जा और विनिर्माण क्षेत्र

  • लिथियम‑आयन सेल निर्माण में उपयोग होने वाले पूंजीगत सामान पर सीमा शुल्क छूट का विस्तार किया गया है।
  • सोलर ग्लास निर्माण में उपयोग होने वाले ‘सोडियम एंटीमोनेट’ के आयात पर सीमा शुल्क पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है।
  • कार्बन कैप्चर, यूटिलाइजेशन और स्टोरेज के लिए 20,000 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है।

ये कदम भारत को हरित ऊर्जा और सतत विनिर्माण की दिशा में आगे बढ़ाएंगे।


खेल और युवा विकास

‘खेलो इंडिया मिशन’ को और मजबूत करते हुए वित्त मंत्री ने कहा:

  • खिलाड़ियों के लिए एकीकृत प्रतिभा विकास कार्यक्रम शुरू होगा।
  • प्रशिक्षकों और सहायक कर्मियों का व्यवस्थित विकास किया जाएगा।
  • खेल विज्ञान और तकनीक का एकीकरण होगा।
  • प्रतिस्पर्धाओं और खेलों का आयोजन कर खेल संस्कृति को बढ़ावा दिया जाएगा।

खेल अवसंरचना के विकास से भारत को वैश्विक खेल मंच पर नई पहचान मिलेगी।


MSME और उद्योग जगत

  • MSME विकास के लिए 10,000 करोड़ रुपये की निधि बनाई जाएगी।
  • चार राज्यों में रेयर‑अर्थ कॉरिडोर स्थापित होंगे।
  • दानकुनी से सूरत तक नया फ्रेट कॉरिडोर बनाया जाएगा।
  • मेगा टेक्सटाइल पार्क स्थापित किया जाएगा।
  • केरल और तमिलनाडु में नया माइनिंग कॉरिडोर बनेगा।

ये कदम उद्योग जगत को नई ऊर्जा देंगे और रोजगार सृजन में मदद करेंगे।


वित्तीय बाजार और बैंकिंग सुधार

  • बैंकिंग क्षेत्र की समीक्षा के लिए उच्च स्तरीय समिति का गठन होगा।
  • सार्वजनिक क्षेत्र की NBFCs में क्षमता संवर्धन के लिए पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन और ग्रामीण विद्युतीकरण निगम का पुनर्गठन किया जाएगा।
  • बड़े शहरों में उच्च मूल्य के म्यूनिसिपल बॉन्ड जारी करने के लिए प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।

ये सुधार वित्तीय बाजारों को गहराई देंगे और निवेशकों का भरोसा बढ़ाएंगे।


राज्यों को करों में हिस्सा

सरकार ने 16वें वित्त आयोग की सिफारिशें स्वीकार करते हुए राज्यों को दिए जाने वाले केंद्रीय करों की हिस्सेदारी 41% पर बनाए रखने का निर्णय लिया है। वित्त मंत्री ने वित्तीय वर्ष 2026‑27 के लिए राज्यों के लिए 1.4 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए हैं।


अन्य प्रमुख घोषणाएं

  • दिव्यांगजन कौशल योजना का ऐलान।
  • नारियल प्रोत्साहन योजना शुरू होगी।
  • 5 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों का विकास।
  • PROI के लिए निवेश नियम आसान किए गए।
  • गरीबी हटाने के लिए कई योजनाओं पर जोर।

राजकोषीय घाटा और आर्थिक दृष्टि

वित्त मंत्री ने अनुमान जताया कि वित्त वर्ष 2026‑27 में राजकोषीय घाटा 4.3% रहेगा। उन्होंने कहा कि वैश्विक चुनौतियों और अनिश्चितताओं के बीच भारत ने सचेत निर्णय लिए हैं और ‘विकसित भारत’ का संकल्प मजबूत किया है।


निष्कर्ष

केंद्रीय बजट 2026 को व्यापक और दूरदर्शी माना जा रहा है। इसमें करदाताओं को राहत, शिक्षा और स्वास्थ्य में निवेश, किसानों के लिए तकनीकी सहायता, पर्यावरण संरक्षण, खेल और उद्योग जगत को प्रोत्साहन जैसे कई पहलुओं को शामिल किया गया है। यह बजट भारत को सतत विकास, सामाजिक न्याय और आर्थिक मजबूती की दिशा में आगे ले जाने वाला साबित हो सकता है।


image source – news 18