रक्षा मंत्रालय को 2026-27 में मिला 7.8 लाख करोड़ का बजट, आधुनिकीकरण पर जोर

रक्षा बजट 2026-27: आधुनिकीकरण पर बड़ा जोर

भारत सरकार ने वर्ष 2026-27 के लिए रक्षा मंत्रालय को 7.8 लाख करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है। यह अब तक का सबसे बड़ा रक्षा बजट माना जा रहा है, जिसमें देश की सुरक्षा और सैन्य क्षमता को नई ऊँचाइयों तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है।

बजट का विभाजन

  • कुल रक्षा बजट: 7.8 लाख करोड़ रुपये
  • आधुनिकीकरण एवं नई परियोजनाएँ: 2.1 लाख करोड़ रुपये
  • संचालन व रखरखाव: शेष राशि का बड़ा हिस्सा सैनिकों की तैनाती, वेतन, और लॉजिस्टिक सपोर्ट पर खर्च होगा।

प्रमुख परियोजनाएँ

रक्षा मंत्रालय के पास कई रणनीतिक परियोजनाएँ पाइपलाइन में हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • राफेल लड़ाकू विमान – वायुसेना की मारक क्षमता को और मजबूत करने के लिए अतिरिक्त स्क्वाड्रन की योजना।
  • पनडुब्बियाँ – नौसेना के लिए अत्याधुनिक पनडुब्बियों का निर्माण और अधिग्रहण।
  • UAV (Unmanned Aerial Vehicles) – निगरानी और युद्धक अभियानों में उपयोग के लिए स्वदेशी व आयातित UAV का विस्तार।

रणनीतिक महत्व

यह बजट न केवल रक्षा बलों की वर्तमान आवश्यकताओं को पूरा करेगा, बल्कि भविष्य की चुनौतियों के लिए भी तैयारी सुनिश्चित करेगा। सरकार का फोकस आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत स्वदेशी रक्षा उत्पादन को बढ़ावा देने पर है, जिससे विदेशी आयात पर निर्भरता कम हो और घरेलू उद्योग को मजबूती मिले।

निष्कर्ष

भारत का यह रक्षा बजट स्पष्ट संकेत देता है कि आने वाले वर्षों में देश अपनी सैन्य ताकत को आधुनिक तकनीक और स्वदेशी उत्पादन के सहारे नई दिशा देने जा रहा है।