मेरठ-पौड़ी हाईवे विवाद : वन विभाग के एसडीओ ज्ञान सिंह निलंबित ढोल नगाड़े बजाकर खुशी मनाई
बिजनौर (चिंगारी)। निर्माणाधीन मेरठ-पौड़ी हाईवे से जुड़े विवाद में वन विभाग के एसडीओ ज्ञान सिंह को निलंबित कर दिया गया है। उनके निलंबन की खुशी में हीमपुर दीपा क्षेत्र के दर्जनों लोगों ने डीएफओ कार्यालय पहुंचकर ढोल नगाड़े बजाकर खुशी का इज़हार किया। खुशी से झूम रहे ये लोग ‘गुरू गया है चेला जाना बाक़ी है’ आदि नारे लगा रहे थे। उक्त लोगों ने खुशी में एक-दूसरे का मुंह मीठा भी कराया।
ज्ञान सिंह पर पेड़ कटान, अवैध खनन और निर्माण एजेंसी के इंजीनियर से मारपीट के आरोप थे। जिलाधिकारी जसजीत कौर ने जांच के लिये कमेटी गठित की थी, जिसकी जांच में ज्ञान सिंह दोषी पाए गए। डीएम ने शासन को कार्रवाई की संस्तुति भेजी थी।
उल्लेखनीय है कि मेरठ-पौड़ी हाईवे के फोरलेन निर्माण का कार्य बिजनौर बैराज के पास एनएचएआई द्वारा कराया जा रहा है। इस परियोजना का क्रियान्वयन केआरसी प्रा.लि. द्वारा किया जा रहा है। सडक़ निर्माण के लिए पेड़ काटने और मिट्टी उठाने से संबंधित सभी आवश्यक औपचारिकताएं पहले ही पूरी की जा चुकी थीं।
20 जनवरी को एसडीओ ज्ञान सिंह के नेतृत्व में वन विभाग की एक टीम मौके पर पहुंची थी। टीम ने अवैध खनन और पेड़ कटान का आरोप लगाते हुए निर्माण संस्था के इंजीनियर अनुप कुमार के साथ कथित तौर पर मारपीट की और उन्हें जबरन अपने साथ ले गई। इसके बाद वन विभाग ने अनुप कुमार का वन अधिनियम की गंभीर धाराओं में चालान किया, जिस पर कोर्ट ने उन्हें जेल भेज दिया था।
इसके बाद वन विभाग की ओर से एनएचएआई के एसडीओ आशीष शर्मा सहित 25 अज्ञात लोगों के खिलाफ बिजनौर रेंज कार्यालय में दरोगा योगेंद्र कुमार द्वारा वन अधिनियम और मारपीट की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। वहीं, निर्माण कंपनी के ट्रक चालक काबल सिंह ने एसडीओ ज्ञान सिंह, वन दरोगा योगेंद्र कुमार और सिपाही विवेक मोहन के खिलाफ इंजीनियर अनुप के अपहरण और टीम से मारपीट का आरोप लगाते हुए जवाबी रिपोर्ट दर्ज कराई।
पूरे विवाद में वन विभाग की टीम घटनास्थल को सैंक्चुअरी क्षेत्र में अवैध खनन बता रही थी, जबकि एनएचएआई ने उसे मुजफ्फरनगर जिले के अंतर्गत बताया। जिलाधिकारी जसजीत कौर ने मामले की जांच एडीएम वित्त और एसपी सिटी को सौंपी थी। जांच रिपोर्ट के आधार पर एसडीओ ज्ञान सिंह को दोषी पाया गया।
जांच में यह माना गया कि ज्ञान सिंह ने जबरन हाईवे निर्माण कार्य में व्यवधान डाला और निर्माण संस्था के इंजीनियर को जेल भिजवाया। इसके बाद डीएम ने शासन को उनके विरुद्ध कार्रवाई की संस्तुति भेजी। शासन स्तर पर कार्रवाई करते हुए प्रमुख सचिव अनिल कुमार ने एसडीओ ज्ञान सिंह को निलंबित कर दिया है। निलंबन के साथ ही उन्हें प्रधान मुख्य वन संरक्षक कार्यालय, लखनऊ से अटैच किया गया है। आज सुबह ज्ञान सिंह के निलंबन की खबर मिलते ही हीमपुर दीपा क्षेत्र दीपक बंसल, अनुज शर्मा व चमन शर्मा साहित दर्जनों लोग ढोल नगाड़े लेकर यहां डीएफओ कार्यालय पहुंचे। इन लोगों ने ढोल की थाप पर नाचते हुए ज्ञान सिंह के खिलाफ हुई कार्यवाही की खुशी मनाई। एक-दूसरे का मुंह मीठा कराया और जमकर नारेबाजी की। उक्त लोगों का आरोप था कि ज्ञान सिंह भ्रष्ट अधिकारी था। उसने लोगों को परेशान कर रखा था।








