Economic Survey 2026: भारत की ग्रोथ रेट 6.8-7.2% रहने का अनुमान

नई दिल्ली, 29 जनवरी 2026 – संसद में आज पेश किए गए इकोनॉमिक सर्वे 2026 ने आने वाले वित्त वर्ष के लिए भारत की आर्थिक तस्वीर को स्पष्ट किया है। यह सर्वे, जिसे यूनियन बजट से ठीक पहले पेश किया जाता है, देश की आर्थिक स्थिति और भविष्य की संभावनाओं का आकलन करता है।

मुख्य बिंदु

  • ग्रोथ रेट अनुमान: वित्त वर्ष 2026 में भारत की आर्थिक वृद्धि दर 6.8% से 7.2% के बीच रहने की संभावना जताई गई है।
  • वैश्विक चुनौतियाँ: सर्वे में कहा गया है कि भू-राजनीतिक तनाव, वैश्विक अनिश्चितताएँ और महंगाई का दबाव जारी रहने के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत रफ्तार बनाए रखने की स्थिति में है।
  • भारत की स्थिति: अनुमानित ग्रोथ रेट भारत को दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में बनाए रखेगी।
  • नीतिगत संकेत: सरकार ने संकेत दिया है कि आने वाले बजट में विकास को गति देने और महंगाई पर नियंत्रण रखने के लिए संतुलित नीतियाँ अपनाई जाएंगी।

आर्थिक परिदृश्य

सर्वे में बताया गया है कि घरेलू मांग, निवेश और सेवाओं के क्षेत्र में मजबूती भारत की ग्रोथ स्टोरी को आगे बढ़ा रही है। साथ ही, डिजिटल अर्थव्यवस्था और इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश को आने वाले वर्षों में विकास का प्रमुख आधार माना गया है।

विशेषज्ञों की राय

अर्थशास्त्रियों का मानना है कि यदि वैश्विक परिस्थितियाँ स्थिर रहती हैं और घरेलू सुधारों को गति मिलती है, तो भारत की ग्रोथ रेट अनुमानित सीमा से भी ऊपर जा सकती है। हालांकि, महंगाई और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में उतार-चढ़ाव को लेकर सतर्कता बरतने की आवश्यकता है।